Electricity Employee Attack Gwalior: ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र में बिजली बिल की वसूली करने पहुंचे आउटसोर्स बिजली कर्मचारी के साथ तौर पर मारपीट और बंधक बनाने का मामला सामने आया है। हजीरा थाना क्षेत्र के शताब्दीपुरम निवासी रविन्द्र सिंह राजावत लघेड़ी जोन में बिजली कर्मचारी हैं।
गुरुवार को वह अपने सहकर्मी आदित्य भदौरिया के साथ इंद्रानगर इलाके में बिल वसूली के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान क्षेत्रीय बदमाश बताए जा रहे वीरू तोमर ने तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी।
जानकारी के मुताबिक, रविन्द्र जब स्पॉट बिलिंग मशीन पर ग्राहकों का डाटा चेक कर रहे थे, तभी आरोपी स्कूटी से मौके पर पहुंचा। आरोप है कि उसने रविन्द्र का परिचय पूछा और फिर विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। सहकर्मी आदित्य ने बीच-बचाव का प्रयास किया तो आरोपी ने उसके हाथ से स्पॉट बिलिंग मशीन छीनकर सड़क पर पटक दी, जिससे मशीन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके बाद आरोपी तौर पर रविन्द्र को जबरन अपने घर ले गया। आदित्य को डराने के लिए उस पर भी कुत्ते छोड़ दिए गए, जिसके बाद वह वहां से भाग निकला।
पीड़ित रविन्द्र का आरोप है कि आरोपी ने उसे एक कमरे में बंद कर विदेशी नस्ल के कुत्ते छोड़ दिए। कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया, जिससे उसके शरीर पर डेढ़ दर्जन से अधिक घाव हो गए। हमले में पिटबुल, जर्मन शेफर्ड और रोड बिलर नस्ल के कुत्तों के शामिल होने की बात सामने आई है। घटना के दौरान इलाके में हंगामा होने पर लोगों की भीड़ जुट गई। पीड़ित का दावा है कि इसी दौरान ऊर्जा मंत्री की मुंहबोली बहन, जिन्हें स्थानीय लोग ‘बुआ जी’ कहते हैं, मौके पर पहुंचीं और उनके हस्तक्षेप से उसकी जान बच सकी।
पीड़ित के सहकर्मी ने घटना की सूचना बिजली विभाग के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों को दी। इसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल रविन्द्र को लेकर हजीरा थाने पहुंचे। पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और आरोपी वीरू तोमर के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी ने बंदूक दिखाकर इंद्रानगर में बिजली कर्मचारियों के प्रवेश पर भी धमकी दी। शुक्रवार को रविन्द्र अपने सहकर्मियों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा और आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उसने थाने के बाहर भी धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।