ग्वालियर में नगर निगम द्वारा लगाए लए इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट (सोर्स- सोशल मीडिया)
ग्वालियर

ग्वालियर में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट की बदहाल स्थिति; नगर निगम के दावों की खुली पोल

Poor EV Charging Infrastructure: ग्वालियर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के दावों की खुली पोल, नगर निगम कार्यालय के पास स्थापित ईवी चार्जिंग पॉइंट महीनों से बंद।

निशांत तिवारी, सजल रघुवंशी

Poor Condition Of Electric Vehicle Charging Points In Gwalior: केंद्र और राज्य सरकारें लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर दे रही हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर वाहन निर्माता कंपनियां भी बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों के नए-नए मॉडल उतार रही हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी चार्जिंग सुविधाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। ग्वालियर में नगर निगम द्वारा स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट की बदहाल स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

चार्जिंग मशीन पर जमी धूल महीनों से बंद होने का दावा

ग्वालियर शहर में नगर निगम द्वारा लगाए गए इस चार्जिंग पॉइंट पर जब जमीनी हकीकत देखने के लिए पहुंचा गया तो मशीन की हालत देखकर ऐसा लगा कि लंबे समय से इसकी साफ-सफाई और देखभाल नहीं हुई है। चार्जिंग मशीन पर धूल की मोटी परत जमी हुई नजर आई। वहीं, आसपास के परिसर में भी गंदगी फैली हुई है। हालात ऐसे हैं कि वहां पहुंचना और खड़े होना तक लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है।

स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, यह चार्जिंग मशीन कई महीनों से बंद पड़ी है। इसके कारण इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को चार्जिंग की सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिस सुविधा को आम जनता की सहूलियत के लिए तैयार किया गया था, वही अब बदहाली का शिकार होती दिखाई दे रही है।

नगर निगम दफ्तर के पास ही बदहाल व्यवस्था

सबसे हैरानी की बात यह है कि यह चार्जिंग पॉइंट नगर निगम कार्यालय के पास ही स्थित है। इसके बावजूद मशीन की साफ-सफाई, नियमित रखरखाव और संचालन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मौके पर चार्जिंग मशीन की देखभाल के लिए कोई कर्मचारी भी नजर नहीं आया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब शहर के बीचों-बीच और नगर निगम कार्यालय के नजदीक स्थापित मशीन की यह स्थिति है, तो शहर के अन्य हिस्सों में सुविधाओं के रखरखाव की क्या स्थिति होगी

सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर

एक तरफ सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चार्जिंग पॉइंट जैसी बुनियादी सुविधाओं का बंद रहना इस मुहिम के सामने चुनौती बन सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए पर्याप्त और चालू चार्जिंग स्टेशन होना बेहद जरूरी है। यदि ऐसी सुविधाएं समय पर दुरुस्त नहीं की जातीं, तो वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अब देखना होगा कि नगर निगम इस बदहाल चार्जिंग पॉइंट की सुध कब लेता है, मशीन की मरम्मत और परिसर की सफाई कब कराई जाती है और आम जनता को यह सुविधा दोबारा कब उपलब्ध हो पाती है। फिलहाल, चार्जिंग पॉइंट की स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।

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