Dindori District Hospital Negligence: डिंडोरी जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान बिसलेरी की बोतल का उपयोग किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो पोस्ट कर प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडे ने मामले में लापरवाही की बात स्वीकार करते हुए कार्रवाई की बात कही है।
जानकारी के मुताबिक, मामला डिंडोरी जिला चिकित्सालय का है, जहां 18 वर्षीय युवक चूहा मार दवा खाने के बाद इलाज के लिए पहुंचा था। युवक का इलाज शुरू किया गया। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें मरीज के इलाज के दौरान बिसलेरी की बोतल का इस्तेमाल होता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने इस मामले को लेकर X पर पोस्ट कर प्रदेश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा कि डिंडोरी के सरकारी अस्पताल में पानी की बोतल से ड्रिप चढ़ रही है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार के स्वास्थ्य मॉडल पर सवाल बताते हुए कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति खराब है और सरकार प्रचार में व्यस्त है।
डिंडोरी जिला चिकित्सालय के CMHO डॉ. मनोज पांडे ने पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि मरीज को ड्रिप के तौर पर बिसलेरी नहीं लगाई गई थी। उन्होंने बताया कि युवक ने चूहा मार दवा खाई थी, जिसके बाद पहले सामान्य स्लाइन से उसका पेट साफ किया गया। बाद में पेट की सफाई के लिए मिनरल वाटर का उपयोग किया गया, जो कि गलत था।
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डॉ. पांडे ने कहा कि इस मामले में संबंधित नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टर की भूमिका की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने पूरे करियर में उन्होंने इस तरह की स्थिति नहीं देखी है।