दतिया में बड़ा हादसा टला  (फोटो सोर्स- नवभारत)
दतिया

दतिया में बड़ा हादसा टला: युवक के गुजरते ही भरभराकर गिरी जर्जर दीवार, लगातार हो रही बारिश के बीच हादसा

Datia Heavy Rain : दतिया में तीन दिन की लगातार बारिश के बीच जर्जर दीवार भरभराकर गिर गई। युवक के गुजरने के महज एक सेकंड बाद दीवार सड़क पर गिरी और बड़ा हादसा टल गया।

निशांत तिवारी, प्रीतेश जैन

Datia Wall Collapse : दतिया में लगातार हो रही बारिश के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। शहर में एक जर्जर दीवार अचानक भरभराकर सड़क पर गिर गई, लेकिन गनीमत रही कि दीवार गिरने से महज कुछ पल पहले ही एक युवक वहां से गुजर चुका था। युवक के वहां से निकलते ही पूरी दीवार सड़क पर आ गिरी। घटना का दृश्य देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर युवक एक सेकंड भी देर से निकलता तो बड़ा हादसा हो सकता था।

बताया जा रहा है कि दतिया में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। लगातार पानी गिरने के कारण कई पुराने और जर्जर मकानों व दीवारों के कमजोर होने की आशंका बनी हुई है। इसी बीच एक जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। घटना के दौरान एक युवक उसी रास्ते से गुजर रहा था। वह जैसे ही दीवार के पास से आगे निकला, कुछ ही क्षण बाद दीवार भरभराकर सड़क पर गिर गई।

चंद सेकंड की देरी हो सकती थी जानलेवा

घटना का दृश्य बेहद डराने वाला था। युवक अगर कुछ क्षण और उसी स्थान पर रहता तो वह दीवार के मलबे की चपेट में आ सकता था। गनीमत रही कि समय रहते वह वहां से निकल गया और उसकी जान बच गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोग भी सहम गए। घटना ने बारिश के दौरान जर्जर इमारतों और कमजोर दीवारों के खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

लगातार बारिश से कमजोर हो रहीं पुरानी इमारतें

लगातार बारिश के कारण शहर में पुराने और क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति और अधिक खराब होने का खतरा बना हुआ है। कई स्थानों पर ऐसी दीवारें और इमारतें मौजूद हैं, जो लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। बारिश का पानी इनके ढांचे को और कमजोर कर सकता है, जिससे इनके अचानक गिरने की आशंका बनी रहती है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद शहर में मौजूद अन्य जर्जर और क्षतिग्रस्त इमारतों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते ऐसे भवनों और दीवारों को चिन्हित कर उनकी मरम्मत, घेराबंदी या अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए। लगातार बारिश के बीच जर्जर भवनों के आसपास लोगों की आवाजाही किसी भी समय खतरे का कारण बन सकती है।

समय रहते नहीं संभले तो हो सकता है बड़ा हादसा

दतिया की इस घटना ने प्रशासन और नगर निकाय के सामने जर्जर इमारतों की सुरक्षा का मुद्दा फिर खड़ा कर दिया है। अगर शहर में मौजूद कमजोर और क्षतिग्रस्त भवनों को समय रहते चिन्हित कर सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा हो सकता है। फिलहाल युवक के बाल-बाल बचने को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।

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