Kamal Nath Missing Poster : छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक कमलनाथ एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार चर्चा का कारण उनके विकास कार्य या राजनीतिक गतिविधियां नहीं, बल्कि उनके खिलाफ छिंदवाड़ा के एक गांव में लगाए गए 'लापता' होने के पोस्टर हैं।
छिंदवाड़ा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले जैतपुर कला गांव में ग्रामीणों ने अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया है। गांव की दीवारों और प्रमुख स्थानों पर पोस्टर चिपकाए गए हैं, जिनमें लिखा है— "विधायक कमलनाथ लापता हैं। विधानसभा की जनता को अपने विधायक की तलाश है।"
ग्रामीणों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद से कमलनाथ ने दोबारा गांव का रुख नहीं किया है। गांव की सड़कें, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं बदहाल हैं, जिन्हें लेकर वे अपने विधायक से संवाद करना चाहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वे न केवल गांव में कमलनाथ का इंतजार कर रहे हैं, बल्कि छिंदवाड़ा स्थित उनके बंगले पर भी जाने पर उन्हें विधायक से मुलाकात करने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
यह पहला मौका नहीं है जब पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस तरह के विरोध का सामना करना पड़ा है। इससे पहले साल 2020 में भी छिंदवाड़ा में कमलनाथ और उनके पुत्र नकुलनाथ के 'लापता' होने के पोस्टर चर्चा में रहे थे। उस समय यह मुद्दा काफी गरमाया था और स्थानीय स्तर पर राजनीति तेज हो गई थी।
2020 की घटना को याद करते हुए स्थानीय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर कमलनाथ पर निशाना साधा है। तत्कालीन समय में बीजेपी ने उन पर तंज कसते हुए एक 'सर्चिंग अभियान' शुरू करने की बात कही थी। भाजपा नेताओं ने उस समय कटाक्ष किया था कि, "दूरबीन से ढूंढने पर भी छिंदवाड़ा विधायक दिखाई नहीं दे रहे हैं, जो भी उन्हें ढूंढकर लाएगा, उसे ईनाम दिया जाएगा।"
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के पोस्टर जनता के उस असंतोष को दर्शाते हैं जो जनप्रतिनिधियों के प्रति उनकी पहुंच कम होने पर पनपता है। जैतपुर कला के ग्रामीणों द्वारा लगाया गया यह पोस्टर एक चेतावनी है कि लंबे समय तक जनता की अनदेखी करना जनप्रतिनिधियों के लिए आने वाले समय में चुनौतीपूर्ण हो सकता है।