Highlights:
बागेश्वर महाराज की पांच दिवसीय रथ यात्रा चौथे दिन टीकमगढ़ पहुंची।
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अगड़ा-पिछड़ा का भेदभाव छोड़कर सभी सनातनियों को एकजुट होना चाहिए।
यात्रा में जातिगत भेदभाव मिटाने और सामाजिक समरसता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
सांसद लता वानखेड़े और विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
कोई अगड़ा-पिछड़ा नहीं, हम सब सनातनी हैं: पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
Dhirendra Krishna Shastri : बुंदेलखंड में सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकजुटता का संदेश लेकर निकली बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय रथ यात्रा चौथे दिन टीकमगढ़ पहुंची। यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों से जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच की भावना से ऊपर उठकर एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज में अगड़ा-पिछड़ा का भेदभाव नहीं होना चाहिए, क्योंकि हम सब सनातनी हैं।
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू समाज में जातिगत अहंकार और भेदभाव के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। समाज की पहचान आपसी एकता, भाईचारे और समरसता से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में एक हिंदू का दूसरे हिंदू की मदद के लिए आगे आना ही सच्ची हिंदू एकता है। जब लोग जाति के बंधनों से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनेंगे, तभी समाज में वास्तविक एकता स्थापित होगी।
बागेश्वर सरकार की रथ यात्रा के दौरान सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' जैसे नारे लगाए गए। यात्रा में केरबना के महाराज श्री और जानराय टौरिया, छतरपुर के महंत श्रृंगारी महाराज सहित बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे। यात्रा के जरिए लोगों को जातिगत भेदभाव से दूर रहकर आपसी भाईचारा मजबूत करने का संदेश दिया गया।
यात्रा के दौरान बंडा में नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया। सांसद लता वानखेड़े और विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी ने हजारों लोगों के साथ नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। इस दौरान नशे को परिवार और समाज के लिए नुकसानदायक बताते हुए लोगों से इससे दूर रहने की अपील की गई। युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।
पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को पारिवारिक संस्कारों और माता-पिता के सम्मान का महत्व भी समझाया। उन्होंने कहा, "माना मोहब्बत बुरी नहीं है, मगर मां-बाप से जरूरी नहीं है।" इस संदेश के जरिए उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे रिश्तों के साथ माता-पिता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और सम्मान को भी प्राथमिकता दें। उन्होंने माता-पिता का आदर करने और उनके संस्कारों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया।
पांच दिवसीय रथ यात्रा के चौथे दिन टीकमगढ़ पहुंचकर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामाजिक समरसता, नशामुक्ति और पारिवारिक संस्कारों का संदेश दिया। यात्रा का अगला पड़ाव छतरपुर होगा, जहां आज विशाल आयोजन किया जाएगा।