Rahul Gandhi Alleges Vote Theft In MP Election 2023: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर कथित ‘वोट चोरी’ की शुरुआत मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 से हुई थी।
राहुल गांधी के मुताबिक, उनकी टेक्निकल एक्सपर्ट टीम ने चुनाव परिणामों का विश्लेषण करते हुए कहा था कि उस तरह के नतीजे संभव नहीं थे। हालांकि, यह दावे कांग्रेस नेता की ओर से किए गए हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के तौर पर पेश नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद मध्य प्रदेश की 2023 विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की पुरानी आपत्तियां फिर चर्चा में आ गई हैं। कांग्रेस की ओर से दावा किया गया कि कमलनाथ के नेतृत्व में पार्टी चुनाव जीत रही थी, लेकिन कथित वोट चोरी के जरिए उसे हराया गया। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर मतदान हुआ था और निर्वाचन आयोग ने सभी सीटों के विस्तृत परिणाम जारी किए हैं। इन आधिकारिक आंकड़ों में कांग्रेस और भाजपा समेत सभी उम्मीदवारों के वोट और परिणाम दर्ज हैं।
कांग्रेस ने अपने बयान में 2018 के विधानसभा चुनाव का भी संदर्भ दिया। पार्टी का दावा है कि उस समय उसके दबाव के बाद मतदाता सूची से करीब 24 लाख फर्जी मतदाता हटाए गए थे। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि 2023 के चुनाव से पहले फर्जी मतदाताओं को लेकर शिकायतें सामने आने के बावजूद पर्याप्त कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने दावा किया कि चुनाव के बाद आयोग ने मध्य प्रदेश में करीब 33 लाख फर्जी मतदाताओं की मौजूदगी स्वीकार की थी। इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए निर्वाचन आयोग के संबंधित रिकॉर्ड देखना जरूरी है। निर्वाचन आयोग वर्तमान में मतदाता सूची और चुनाव संबंधी रिकॉर्ड अपने आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराता है।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को ईवीएम और मतदाता सूची से जोड़ते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मुद्दा बताया। वहीं, निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर चुनावी आंकड़े, मतदाता सूची और निर्वाचन संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध हैं। ऐसे में 2023 के मध्य प्रदेश चुनाव को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता का आकलन करने के लिए संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और चुनावी रिकॉर्ड का परीक्षण महत्वपूर्ण होगा।