Prahlad Patel OBC Reservation Statement: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता प्रह्लाद पटेल ने आरक्षण और अपनी सामाजिक पहचान को लेकर अपना रुख सामने रखा है।
भोपाल में आयोजित बुंदेली समागम 2026 में नवभारत लाइव के सीनियर डिजिटल एडिटर शैलेंद्र तिवारी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने कभी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कोटे या आरक्षण का लाभ नहीं लिया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार आगे भी आरक्षण का लाभ नहीं लेगा।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रह्लाद पटेल ने बातचीत के दौरान 1991 के मंडल आंदोलन के दौर का एक पुराना प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय एक इंटरव्यू में उनसे मंडल कमीशन और पिछड़े वर्ग को लेकर सवाल किया गया था। तब भी उन्होंने कहा था कि वह खुद को पिछड़ा नहीं मानते, हालांकि उनकी जाति पिछड़ी है। उनका कहना था कि आरक्षण का लाभ उन लोगों को मिलना चाहिए जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।
प्रह्लाद पटेल ने कहा कि आज भी उनके और उनके बच्चों के पास ओबीसी प्रमाण पत्र नहीं है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि जो लोग आर्थिक और सामाजिक रूप से सक्षम हो चुके हैं, उन्हें पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का लाभ नहीं लेना चाहिए। उनके मुताबिक, इससे आरक्षण का लाभ उन परिवारों और लोगों तक पहुंच सकेगा, जिन्हें वास्तव में इसकी जरूरत है।
प्रह्लाद पटेल ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपने विचार स्पष्ट करते हुए कहा कि सामाजिक और आर्थिक रूप से सक्षम लोगों को आरक्षण का लाभ लेने से बचना चाहिए। उनका जोर इस बात पर रहा कि आरक्षण का फायदा वास्तविक जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने अपनी सामाजिक पहचान और आरक्षण को लेकर यह रुख पहली बार नहीं रखा है। 2023 में भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी जाति को पिछड़ा बताते हुए खुद को पिछड़ा नहीं मानने की बात कही थी।
प्रह्लाद पटेल ने बातचीत में 1991 के मंडल आंदोलन को याद करते हुए बताया कि उस समय भी उनका रुख स्पष्ट था। उन्होंने कहा था कि उनकी जाति पिछड़ी है, लेकिन वह स्वयं को पिछड़ा नहीं मानते। अब बुंदेली समागम 2026 में उन्होंने इसी विचार को आगे रखते हुए कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने ओबीसी आरक्षण का लाभ नहीं लिया है। उनका कहना है कि सामाजिक-आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को आरक्षण का लाभ छोड़कर जरूरतमंद लोगों के लिए अवसर उपलब्ध रहने देना चाहिए।