Highlights:
नवभारत की खबर के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।
मंत्री प्रतिमा बागरी ने वायरल वीडियो में उठे सवालों पर उच्चस्तरीय जांच की बात कही।
GeM पोर्टल से होने वाली खरीदी और निर्माण कार्य भी जांच के दायरे में होंगे।
उत्पादों की कीमतों में अंतर और संभावित अनियमितताओं की पड़ताल की जाएगी।
जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
MP GeM Portal Purchase Investigation : नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे के वायरल वीडियो में नगरीय निकायों की खरीदी को लेकर उठे सवालों पर अब सरकार ने जांच का फैसला किया है। नवभारत ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने वीडियो जारी कर मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग के अंतर्गत GeM पोर्टल से होने वाली खरीदी और निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में नगरीय निकायों की खरीदी में कथित भ्रष्टाचार को लेकर सवाल उठाए गए थे। मामले को नवभारत ने प्रमुखता से उठाते हुए सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और संभावित अनियमितताओं का मुद्दा सामने रखा था। अब राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। इसे नवभारत की खबर के बाद सरकार की ओर से आया अहम कदम माना जा रहा है।
राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने बयान में कहा कि वायरल वीडियो में उठे मुद्दों को जांच के दायरे में लिया गया है। विभागीय स्तर पर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत खरीदी और निर्माण कार्यों की निगरानी की जाती है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस यानी GeM पोर्टल के माध्यम से होने वाली खरीदी में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने की बात भी कही है। यदि खरीदी में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो उसकी गहराई से पड़ताल की जाएगी। इसके साथ ही उत्पादों की कीमतों में अत्यधिक अंतर या विसंगति मिलने पर उसकी भी विशेष जांच होगी। इस प्रक्रिया के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि सरकारी खरीदी में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने खरीदी के साथ निर्माण कार्यों की निगरानी को लेकर भी सख्त रुख अपनाने की बात कही है। GeM पोर्टल में समय-समय पर अपग्रेडेशन किए जाने का उद्देश्य भी अनियमितताओं की पहचान और उन्हें रोकने की व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है। अब जांच में यह स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में उठाए गए सवालों के पीछे क्या तथ्य हैं और खरीदी या निर्माण कार्यों में कहीं कोई गड़बड़ी हुई है या नहीं। फिलहाल, जांच के नतीजों और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।