मध्य प्रदेश में हो सकती है भारी बारिश फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
भोपाल

MP Weather Update: 19 सितंबर के बाद फिर बदल सकता है मौसम, बारिश का नया सिस्टम बनने की संभावना

Madhya Pradesh Weather News : मध्य प्रदेश में 19 सितंबर के बाद नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है। प्रदेश में अब तक 33 इंच बारिश हुई है और सामान्य आंकड़े से 4.3 इंच पीछे है।

प्रीतेश जैन

MP Weather News Today : मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक 19 सितंबर के बाद प्रदेश में नया मौसम सिस्टम बनने की संभावना है। इसके सक्रिय होने पर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है और अब तक बारिश की कमी भी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।

प्रदेश में 1 जून से अब तक करीब 33 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य तौर पर मानसून सीजन में 37.3 इंच बारिश होती है। इस हिसाब से प्रदेश अभी सामान्य आंकड़े से करीब 4.3 इंच पीछे है। मानसून का सीजन 30 सितंबर तक माना जाता है, इसलिए सितंबर के बाकी दिनों की बारिश महत्वपूर्ण होगी।

17 से 21 सितंबर तक बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 17 से 19 सितंबर के बीच पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। वहीं 18 से 21 सितंबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज और कुछ जगह हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 19 सितंबर के आसपास बनने वाला नया सिस्टम बारिश को और प्रभावित कर सकता है।

लो प्रेशर एरिया का असर सीमित रहा

मंगलवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया सक्रिय रहा। इसके साथ मानसून ट्रफ भी सक्रिय रही, लेकिन प्रदेश में कहीं भी तेज बारिश दर्ज नहीं हुई। भोपाल में दिनभर धूप रही, जबकि इंदौर और उज्जैन में भी मौसम साफ रहा। आने वाले दिनों में सिस्टम की गतिविधि के साथ बारिश का दायरा बढ़ सकता है।

18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश का करीब 88.5 प्रतिशत पानी गिर चुका है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल और उमरिया शामिल हैं।

37 जिले अभी भी बारिश में पीछे

दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन और जबलपुर समेत 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम हुई है। अलीराजपुर में सामान्य बारिश की आधी मात्रा भी अब तक पूरी नहीं हुई है। वहीं निवाड़ी में सामान्य से 49 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इससे प्रदेश में बारिश के वितरण में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।

जून और जुलाई में हुई कमी का असर

जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में बारिश की स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून में दो ब्रेक के कारण पूरे महीने में सामान्य से 13 प्रतिशत कम बारिश हुई। अगस्त में अच्छी बारिश हुई, लेकिन जून और जुलाई की कमी पूरी नहीं हो सकी। अब सितंबर की बारिश पर कुल आंकड़ा निर्भर करेगा।

सामान्य आंकड़े तक पहुंचने के लिए और बारिश जरूरी

प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है, जबकि अब तक करीब 33 इंच पानी गिर चुका है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश करीब 38 से 39 इंच रहती है। ऐसे में 19 सितंबर के बाद बनने वाले सिस्टम से यदि अच्छी बारिश होती है तो मानसून सीजन के अंत तक प्रदेश का बारिश आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच सकता है।

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