Madhya Pradesh Weather Today : दक्षिण-पश्चिम मानसून के आखिरी दौर में मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है। मौसम केंद्र के मुताबिक उत्तर अंडमान सागर में लो प्रेशर एरिया सक्रिय हो रहा है। इसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ने की संभावना है।
अगले चार दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर समेत प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक सिस्टम की दिशा और तीव्रता से तय होगा कि इसका असर कितना रहेगा।
मौसम विशेषज्ञ के अनुसार फिलहाल 23 सितंबर तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। हालांकि, उत्तर अंडमान सागर में बन रहे सिस्टम की एक्टिविटी के चलते मौसम के अनुमान में बदलाव हो सकता है। सिस्टम कितना मजबूत होता है और किस दिशा में आगे बढ़ता है, इसका असर मध्य प्रदेश में होने वाली बारिश पर पड़ेगा।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को मध्य प्रदेश के 45 जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। विदिशा के लटेरी में सबसे ज्यादा 4.2 इंच बारिश हुई। गुना के कुंभराज में 4 इंच और आगर-मालवा के नलखेड़ा में 92 मिमी यानी 3.7 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। आगर के बड़ौद में 2.9 इंच, गुना के राघौगढ़ में 2.8 इंच और राजगढ़ के खिलचीपुर में ढाई इंच बारिश हुई।
इस मानसूनी सीजन में प्रदेश के 32 जिलों में औसत से 5% से 48% तक कम बारिश हुई है। पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी बारिश सामान्य से 1% तक कम रही है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में 5% से 24% तक कम बारिश दर्ज हुई है।
वहीं, प्रदेश के 23 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में जून में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई में शुरुआती तेज बारिश के बाद आंकड़ा सुधरा, लेकिन मानसून के दौरान दो बार ब्रेक आने से कई दिन बारिश नहीं हुई। आखिरी दौर में स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय होने के बावजूद प्रदेश में अब तक 6% कम बारिश हुई है। जुलाई और अगस्त का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। प्रदेश में सामान्य बारिश 37.3 इंच है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक रहती है।