MP Monsoon Update : मध्य प्रदेश में मानसून के दौरान अब तक 707.1 मिमी यानी 27.8 इंच बारिश दर्ज की गई है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक सामान्य बारिश 791.7 मिमी यानी 31.2 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 3.1 इंच कम बारिश हुई है। कुल मिलाकर प्रदेश में बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में औसत से 16 प्रतिशत कम पानी गिरा है।
प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग शामिल हैं। इन संभागों में औसतन 5 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के कई जिलों में बारिश की कमी अलग-अलग स्तर पर बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति और कमजोर रही है। यहां औसत से करीब 16 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है।
मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के करीब 40 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। इन जिलों में बारिश की कमी 2 प्रतिशत से लेकर 55 प्रतिशत तक है। इसका मतलब है कि कुछ जिलों में सामान्य बारिश के मुकाबले मामूली कमी है, जबकि कुछ क्षेत्रों में बारिश का अंतर काफी अधिक है। मानसून सीजन में बारिश के आंकड़ों में जिलेवार यह अंतर कृषि और जल उपलब्धता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार 15 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं। इन जिलों में सामान्य की तुलना में अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। प्रदेश में 707.1 मिमी बारिश के मुकाबले सामान्य आंकड़ा 791.7 मिमी है। यानी अभी करीब 84.6 मिमी बारिश की कमी है। पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश के असमान वितरण के बीच अब आगे होने वाली बारिश पर सभी की नजरें टिकी हैं।