प्रह्लाद पटेल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

OBC आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद घमासान; मंत्री प्रहलाद पटेल बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

MP OBC Reservation: ओबीसी आरक्षण पर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद गरमाई सियासत, कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने तत्कालीन कमलनाथ सरकार के अध्यादेश को बताया राजनीतिक स्टंट।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

Highlights

  • प्रहलाद पटेल ने कहा- OBC आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट जाएगी MP सरकार।

  • मंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए अध्यादेश लाने का आरोप लगाया।

  • पटेल बोले- 50% आरक्षण की सीमा पार करने के लिए कांग्रेस ठोस कारण नहीं दे सकी।

  • वर्ष 2019 से 2022 के बीच नियुक्त कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाने के फैसले को बताया उचित।

Prahlad Patel On OBC Reservation: मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री प्रहलाद पटेल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए तत्कालीन कमलनाथ सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने राजनीतिक लाभ के लिए लाए गए आरक्षण संबंधी अध्यादेश को निरस्त किया है। साथ ही स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस संवेदनशील संवैधानिक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएगी और अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

हाईकोर्ट के फैसले पर क्या बोले प्रहलाद पटेल?

मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि आरक्षण बेहद संवेदनशील विषय है और इस पर संवैधानिक प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है। उनके मुताबिक, न्यायालय ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार के अध्यादेश को निरस्त करते हुए उसकी प्रक्रिया पर गंभीर टिप्पणियां की हैं। पटेल ने दावा किया कि अदालत ने अध्यादेश को राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से लाने और जल्दबाजी में संवैधानिक गलतियां करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन सरकार 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा पार करने के लिए कोई ठोस कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी।

कांग्रेस पर साधा निशाना, संवैधानिक प्रक्रिया पर उठाए सवाल

प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए आरक्षण का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा पिछड़े वर्ग के हितों के समर्थन में रही है। ओबीसी आरक्षण और पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने जैसे विषयों पर भाजपा ने जिम्मेदारी से काम किया है।

मंत्री ने सवाल उठाया कि जब पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा मिल चुका था, तब तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने अध्यादेश लाने से पहले आयोग की सहमति लेना उचित क्यों नहीं समझा? उन्होंने कहा कि संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी के कारण आज यह स्थिति बनी है।

नियुक्तियों को लेकर कोर्ट के फैसले पर जताई सहमति

मंत्री ने बताया कि न्यायालय के फैसले में वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुई नियुक्तियों में कार्यरत लोगों को नौकरी से नहीं हटाने की बात कही गई है। उन्होंने इस पहलू को उचित बताया। पटेल के अनुसार, भविष्य में सामने आने वाली चुनौतियों और समायोजन से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए राज्य सरकार आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस विषय पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और सहमति के साथ न्यायालय में सरकार का पक्ष रखा गया था।

OBC आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट जाएगी सरकार

प्रहलाद पटेल ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश सरकार ओबीसी आरक्षण के मामले में आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेगी। सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष मजबूती से रखेगी और संवैधानिक समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उन्होंने कांग्रेस पर इस मुद्दे का राजनीतिक श्रेय लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर राजनीति करने के बजाय संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।

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