भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की बैठक शुरू (सोर्स- सोशल मीडिया)
भोपाल

MP बीजेपी में ऑल इज नॉट वेल! कोर ग्रुप की बैठक में नाराज दिखे दिग्गज; कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने किया पोस्ट

MP BJP Core Group Meeting: एमपी बीजेपी में गुटबाजी और नाराजगी की खबरें तेज, कोर ग्रुप की बैठक में नेताओं ने सरकार और अफसरशाही पर उठाए सवाल। कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर साधा निशाना।

सुधीर दंडोतिया, सजल रघुवंशी

Madhya Pradesh BJP Leaders Displeasure: मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के भीतर सुलग रही अंतर्कलह अब बंद कमरों से बाहर आ गई है। नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में हुई पहली कोर ग्रुप की बैठक ने यह साफ कर दिया है कि 'डबल इंजन' की सरकार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

बैठक में अनुशासन की परवाह किए बिना मंत्रियों और सीनियर नेताओं ने सरकार के कामकाज, अफसरों की बेलगाम मनमानी और मुख्यमंत्री सचिवालय की कार्यशैली पर सीधे और तीखे प्रहार किए। सूत्रों की मानें तो बैठक में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की नाराजगी झलकी। तो वंही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मंत्रियों की नाराजगी का जिक्र किया।

अफसरशाही पर बवाल और सीएम का तीखा पलटवार

सूत्रों की मानें तो, बैठक में तल्खी का आलम यह था कि डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने खुले तौर पर अफसरों की नाफरमानी का मुद्दा उठाया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के घर में घुसने की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने पुलिस-प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। बात यहीं नहीं रुकी, इस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने राजेंद्र शुक्ल से सवाल किया - "आपके पास इतना महत्वपूर्ण विभाग है, फिर भी कफ सिरप जैसी गंभीर घटना कैसे हो जाती है?"

शिवराज और कैलाश का फूटा गुस्सा, निशाने पर सीएम सचिवालय

सूत्रों की मानें तो, अफसरों की मनमानी से सिर्फ डिप्टी सीएम ही नहीं, बल्कि पूर्व सीएम और वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी त्रस्त दिखे। शिवराज ने सीहोर कलेक्टर की शिकायत करते हुए तल्ख लहजे में कहा कि जब वे अपने संसदीय क्षेत्र में जाते हैं, तो कलेक्टर प्रोटोकॉल तक का पालन करने की जहमत नहीं उठाते।

कैलाश विजयवर्गीय ने सीएम सचिवालय के खिलाफ जताई नाराजगी

वहीं, कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री सचिवालय पर सीधा बम फोड़ा। उन्होंने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि लाख कोशिशों के बावजूद सीएम से 15-15 दिन तक बात ही नहीं हो पाती। मंत्री प्रहलाद पटेल और भाजपा उपाध्यक्ष लाल सिंह ने भी संगठन की लचर स्थिति पर आइना दिखाते हुए स्थिति सुधारने की मांग की।

जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार ने किया पोस्ट

जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की कोर ग्रुप की मीटिंग से पूरे प्रदेश में सियासी हलचल है तो वंही दूसरी तरफ जीतू पटवारी के मीडिया सलाहकार केके मिश्रा का सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में बना हुआ है। केके एक्स पर तंज भरे अंदाज में लिखते हैं कि अफसर नहीं सुनते-सीएम से 15-15 दिन बात नहीं हो पाती तो स्वाभिमान बेचकर क्यों पड़े हुए हो? उन्होंने शिवराज सिंह, कैलाश विजयवर्गीय और राजेंद्र शुक्ल की परेशानी का जिक्र किया और अंत में लिखा "मीठा-मीठा गप्प, कड़वा-कड़वा थू…..क्यों।”

केके मिश्रा का सोशल मीडिया पोस्ट

प्रभारी का सख्त अल्टीमेटम- चापलूसी बंद करो, वरना नाम दिल्ली जाएगा

नेताओं की इस भारी गुटबाजी और कलह को देखते हुए नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव ने सख्त रवैया अपनाया। उन्होंने साफ शब्दों में 3 महीने का अल्टीमेटम दिया है कि बातचीत से अपने मतभेद सुलझा लें, वरना जो नहीं सुधरेगा उसका नाम और मोबाइल नंबर सीधे केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया जाएगा। इसके साथ ही, देव ने नेताओं की 'जेसीबी से फूल बरसाने' और महंगे गिफ्ट लेने-देने जैसी चापलूसी वाली परंपराओं पर तत्काल रोक लगाने का फरमान सुना दिया।

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