

Deputy CM Rajendra Shukla Target Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 1 अक्टूबर को प्रस्तावित बालाघाट दौरे को लेकर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने निशाना साधा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस के कुशासन के कारण नक्सल की गतिविधियां बहुत बढ़ी थीं।
भोपाल में पत्रकारों से चर्चा के दौरान शुक्ल ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बालाघाट जाकर केवल राजनीतिक माइलेज लेने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी के दौरे में प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात प्रस्तावित है।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र रहा है। उनके मुताबिक, विपक्ष के नेता के तौर पर राहुल गांधी को वहां की पुरानी परिस्थितियों और लोगों की समस्याओं को लेकर पहले संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बार-बार भ्रामक बातें कहकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। शुक्ल ने कहा कि बालाघाट अब नक्सल मुक्त होकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऐसे में वहां राजनीतिक कार्यक्रम करना राजनीति के लिए राजनीति करने जैसा है।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के दो ब्लॉकों के करीब 50 गांवों में अब हालात नियंत्रण में हैं। उनके अनुसार, दिसंबर 2025 में क्षेत्र के नक्सल मुक्त होने के बाद दूरस्थ इलाकों में प्रशासनिक पहुंच और नियमित रिपोर्टिंग संभव हुई। सरकार का दावा है कि इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया गया है। 14 नए स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, जबकि एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 30-बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बदला गया है। इसके अलावा 2 पीएचसी, 2 सीएचसी और 10 उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं।
राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि वर्ष 2003 से पहले प्रभावित क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का स्तर 21 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने बताया कि हर घर और बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुंचाने के लिए 4 नए सीडीपीओ तथा 52 अतिरिक्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाओं की पदस्थापना की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इन व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए 3,100 से अधिक डॉक्टरों की पोस्टिंग की गई है, जिनमें 2,600 से ज्यादा डॉक्टर पदभार ग्रहण कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जांच, दवा, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और सामान्य बीमारियों के उपचार की सुविधा मजबूत होगी। गंभीर मरीजों को जरूरत के अनुसार जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।