सुखबीर सिंह मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव बने।
भरत यादव को जनसंपर्क विभाग का अतिरिक्त प्रभार।
2017 बैच के IAS अधिकारियों को मिलेगी जिले की कमान।
उद्योग, MSME और स्वास्थ्य विभाग में भी बड़े बदलाव।
MP Administrative Reshuffle: मध्य प्रदेश में मंगलवार देर रात बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों के तबादले किए गए। जारी आदेश में कई जिलों के कलेक्टरों को बदलने के साथ मंत्रालय और मुख्यमंत्री कार्यालय में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यालय में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
वहीं, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस प्रशासनिक फेरबदल को योजनाओं के क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय और आगामी प्राथमिकताओं के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रमुख सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसे उनके बेहतर प्रदर्शन और विभागीय कार्यों पर पकड़ के इनाम के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं, भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। मनीष सिंह सीपीआर की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। संकेत भोंडवे को आरसी दिल्ली का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ समन्वय, सिंहस्थ और अन्य योजनाओं से जुड़े कार्यों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
इस फेरबदल के जरिए 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को पहली बार जिले में कलेक्टर के रूप में पदस्थ करने की कवायद भी आगे बढ़ी है। इसके अलावा आदित्य सिंह और रोहित सिसोनिया को दोबारा मुख्यधारा की जिम्मेदारियों में लाया गया है। प्रशासनिक स्तर पर यह बदलाव अधिकारियों के अनुभव और कार्यक्षमता के अनुरूप जिम्मेदारियां तय करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए उद्योग विभाग की व्यवस्था मजबूत की गई है। लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यम विभाग को स्वतंत्र सचिव दिया गया है, जबकि उद्योग विभाग में नए सचिव की नियुक्ति की गई है। कुमार पुरुषोत्तम को पूर्णकालिक एमएसएमई आयुक्त की जिम्मेदारी देकर अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है। वहीं, रश्मि शमी को स्वास्थ्य विभाग में वरिष्ठ अपर मुख्य सचिव के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन बदलावों का उद्देश्य विभागीय कामकाज में तेजी लाने और सरकार की प्राथमिक योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है।