भोपाल में आदिवासी छात्रों के प्रदर्शन के दौरान TI रतन सिंह परिहार का वीडियो वायरल।
प्रदर्शनकारियों को धमकी देने और अभद्र भाषा के आरोप में TI सस्पेंड।
पुलिस कमिश्नर ने विभागीय जांच के दिए आदेश।
उमंग सिंघार बोले- ‘जोहार कोई गाली नहीं, हमारी आदिवासी संस्कृति है।
TI Suspended Over Alleged Misbehavior With Tribal Student: भोपाल में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन ने कल यानी 13 अक्टूबर को मोर्चा खोला। संगठन ने भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन कर निजी स्कूल-कॉलेजों में मनमानी फीस पर रोक लगाने, छात्रवृत्ति और आवास सहायता राशि बढ़ाने, छात्रसंघ चुनाव बहाल करने तथा शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग उठाई। इन मांगों को लेकर संगठन सरकार को ज्ञापन सौंपेगा।
छात्रों के इस प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी तेजी से वायरल होता है जिसमें मिसरोद थाने के टीआई रतन सिंह परिहार प्रदर्शनकारी आदिवासी छात्रों को धमकी देते नजर आ रहे हैं। साथ ही वह अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद आदिवासी संगठनों और राजनीतिक गलियारों में आक्रोश है। मामले में पुलिस कमिश्नर ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
इस मामले में भोपाल पुलिस कमिश्नर ने मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह को निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। निलंबन के बाद अब जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल मामले को लेकर पुलिस विभाग में कार्रवाई जारी है।
इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आदिवासी छात्रों के साथ हुई अभद्र टिप्पणी और गाली-गलौज किए जाने की घटना को निंदनीय बताया साथ ही उन्होंने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
भोपाल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि आदिवासी विद्यार्थियों को छात्रावासों में जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने छात्रावासों में स्वच्छ भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय और सुरक्षित परिसर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ छात्रावासों की संख्या और सीटें बढ़ाने की मांग की है।