मध्य प्रदेश में सुस्त पड़ी मानसून की रफ्तार फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
भोपाल

MP Weather News: मानसून सुस्त, 3 दिन तेज बारिश नहीं, 13 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में फिर एक्टिव होगा सिस्टम

MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मानसून कमजोर पड़ गया है। तीन दिन तेज बारिश के आसार नहीं हैं। 13 सितंबर से पश्चिमी MP में बारिश बढ़ने का अनुमान है।

प्रीतेश जैन

Madhya Pradesh weather today : मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ गया है। बुधवार को सैटेलाइट तस्वीरों में प्रदेश के अधिकांश हिस्से से बादल गायब रहे और तेज बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन दिन भी प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। गुरुवार को किसी भी जिले में तेज बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट है।

मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल मध्य प्रदेश में बारिश कराने वाला कोई सिस्टम सक्रिय नहीं है। पश्चिमी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन जरूर बना हुआ है, लेकिन इसका प्रदेश में खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। इसी वजह से बुधवार को अधिकांश जिलों में तेज धूप खिली रही। भोपाल में भी अचानक बदले मौसम से लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा।

गुरुवार को भी धूप, कहीं-कहीं हल्की बारिश

गुरुवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। कई जगहों पर तेज धूप निकल सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। हालांकि, इस दौरान कहीं भी तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। शुक्रवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

13 सितंबर से पश्चिमी MP में बढ़ेगी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक अभी प्रदेश में कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसलिए अगले कुछ दिनों में तेज बारिश की संभावना कम है। 13 सितंबर से पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में तेज बारिश भी देखने को मिल सकती है।

32 जिलों में 5 से 55% तक कम बारिश

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से कम है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में करीब 1% तक बारिश कम हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5% से 25% तक कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश के आंकड़ों में काफी सुधार हुआ है। कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बनने के कारण सीजन की कुल बारिश में बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद बुधवार तक पूर्वी हिस्से में बारिश सामान्य से करीब 1% कम रही।

पश्चिमी MP के कई जिले बारिश में पिछड़े

पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7% से 55% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

23 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी

प्रदेश के 23 जिलों में सीजन के दौरान सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

सामान्य से अब भी 7% कम बारिश

मध्य प्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। इस बार अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 7% कम बारिश दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे जिलों में सामान्य सीजनल बारिश करीब 38 से 39 इंच के बीच रहती है। अब मौसम विभाग की नजर 13 सितंबर से पश्चिमी हिस्से में बनने वाले बारिश के नए सिस्टम पर है।

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