Madhya Pradesh Weather Update: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले कई दिनों से बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार विभिन्न मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। कई क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत 34 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
दूसरी ओर इंदौर, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, मंदसौर, देवास, भोपाल, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ सहित कई जिलों में गर्मी का असर बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है। वहीं 13 जून को ग्वालियर संभाग के कुछ जिलों के साथ सागर और दमोह में तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
बुधवार को राज्य के 20 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली। कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी, कटनी, सतना, पन्ना, उमरिया, जबलपुर, शहडोल, दमोह, उज्जैन, रतलाम, रीवा और सिंगरौली समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिला।
बारिश के बावजूद गर्मी का प्रकोप पूरी तरह कम नहीं हुआ है। खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ग्वालियर, जबलपुर, भोपाल, उज्जैन और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी तापमान सामान्य से ऊपर बना रहा। नौगांव, दतिया, सतना और दमोह सहित कई जिलों में पारा 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया।
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मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर और आसपास सक्रिय ट्रफ लाइन तथा ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण वातावरण में नमी बढ़ी हुई है। यही वजह है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने तक आंधी और बारिश का यह सिलसिला जारी रह सकता है।