एमपी पुलिस खिलाड़ियों की सीधी भर्ती (सोर्स- एआई जनरेटेड इमेज) 
भोपाल

खेल प्रतिभाओं को बड़ी सौगात, एमपी पुलिस विभाग में अब खिलाड़ियों की होगी सीधी भर्ती; 60 पद आरक्षित

Sportsperson Recruitment In Police: एमपी पुलिस में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए बिना लिखित परीक्षा सीधी भर्ती, 2021 के नियमों में संशोधन कर 10 SI और 50 आरक्षक पद आरक्षित, मेधावियों को खाकी।

सजल रघुवंशी

MP Police Sports Quota Recruitment: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लिया है। खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के नियम 2021 में अहम संशोधन किया है।

इस निर्णय के बाद प्रदेश के मेधावी खिलाड़ियों के लिए पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी पाने का रास्ता और आसान हो गया है। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिलने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।

खेल प्रदर्शन के आधार पर होगी सीधी नियुक्ति

संशोधित नियमों के अनुसार अब उत्कृष्ट खिलाड़ियों को एमपी पुलिस विभाग में भर्ती होने के लिए लंबी और कठिन लिखित परीक्षाओं की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। उनकी नियुक्ति खेल उपलब्धियों, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए प्रदर्शन तथा अर्जित पदकों के आधार पर की जाएगी। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों की मेहनत और प्रतिभा को उचित सम्मान देते हुए उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

पुलिस विभाग में 60 पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित

राज्य सरकार द्वारा जारी संशोधित नियमों के तहत एमपी पुलिस विभाग में कुल 60 पद खिलाड़ियों के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें 10 पद उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) और 50 पद आरक्षक (कांस्टेबल) के शामिल हैं। इन पदों पर भर्ती के लिए पात्र खिलाड़ियों का चयन निर्धारित खेल मानकों और उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा। इससे विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सीधा लाभ मिलेगा।

2021 से अटकी प्रक्रिया को मिली रफ्तार

गौरतलब है कि वर्ष 2021 में उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के लिए नियम बनाए गए थे, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से यह प्रक्रिया लंबे समय तक शुरू नहीं हो सकी। अब सरकार ने आवश्यक संशोधन कर भर्ती प्रक्रिया को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इससे कई खिलाड़ियों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म होने की उम्मीद है।

खिलाड़ियों का बढ़ेगा मनोबल, खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

खेल विशेषज्ञों और खिलाड़ियों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे युवा खिलाड़ियों को अपने भविष्य को लेकर आत्मविश्वास मिलेगा और वे नौकरी की चिंता छोड़कर खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। यह फैसला खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश में खेलों के विकास और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा

मनुस्मृति पर राहुल गांधी के बयान पर भड़के जगद्गुरु अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- हिंदू धर्म विरोधी मानसिकता त्यागें