MP Politics News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। इस बीच पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले में प्रतिक्रिया देते हुए सीएम से सवाल किए हैं।
पटवारी ने मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर कहा कि हमें मुख्यमंत्री की घृणा का जवाब पुतले जलाकर नहीं देना है। गाली देना आपका अधिकार है, आप ईमानदारी से उसका पालन करते रहिए। जनता के सवाल पूछना मेरा कर्तव्य है, मैं पूरी विनम्रता से यह जिम्मेदारी निभाता रहूंगा।
साथ ही पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राज्य में किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, महंगाई, पेपर लीक, नर्सिंग घोटाला, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार सहित कई गंभीर मुद्दों को उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि क्या किसान की बदहाली सवाल नहीं है? क्या बेरोजगार युवाओं का भविष्य सवाल नहीं है? उन्होंने ओबीसी आरक्षण संकट, पेपर लीक से टूटते सपनों, नर्सिंग घोटाले और व्यापमं जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने युवाओं के भविष्य पर गहरा असर डाला है।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासियों का विस्थापन, बढ़ती महंगाई और कर्ज का बोझ, भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी, दूषित पेयजल और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था भी गंभीर सवाल हैं जिन पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी भर्तियों में वर्षों की देरी, सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति, आंगनवाड़ी और संविदा कर्मचारियों की समस्याएं तथा बढ़ता अपराध और माफियाराज चिंता का विषय बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि रेत, शराब और जमीन माफियाओं का संरक्षण, दलितों पर बढ़ते अत्याचार, आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण, बिजली कटौती और महंगे बिल आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं।
जीतू पटवारी ने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों की आर्थिक बदहाली, युवाओं का पलायन, सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की कमी, किसानों की बढ़ती आत्महत्याएं तथा घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच बढ़ता अंतर बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री मोहन यादव को इन सभी सवालों के जवाब देना चाहिए।