Digvijaya Singh Letter To CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर परिसमापनाधीन एवं बंद मध्यप्रदेश राज्य सहकारी कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (भूमि विकास बैंक) से संबंधित किसानों की बंधक भूमि को जल्द मुक्त कराने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में पूर्व सदस्य एवं कृषि सलाहकार परिषद के सदस्य रहे केदार सिरोही द्वारा इस मुद्दे को लेकर भेजे गए ईमेल का भी उल्लेख किया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि बैंक के बंद या परिसमापनाधीन होने के बावजूद प्रदेश के कई किसानों की जमीन आज भी राजस्व रिकॉर्ड में बैंक के पक्ष में बंधक दर्ज है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि खास तौर पर उन किसानों को परेशानी हो रही है, जिन्होंने बैंक का पूरा ऋण अथवा समझौते के तहत निर्धारित राशि जमा कर दी है। इसके बावजूद उनकी जमीन से बंधक की प्रविष्टि समाप्त नहीं की गई है। वर्षों से चली आ रही इस स्थिति के कारण किसान अपनी ही जमीन के विक्रय, नामांतरण, विभाजन और अन्य राजस्व संबंधी कार्य आसानी से नहीं करा पा रहे हैं। उन्हें दस्तावेजी प्रक्रिया के लिए बार-बार राजस्व कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि ऋण का भुगतान कर चुके किसानों की भूमि को लंबे समय तक बंधक बनाए रखना उचित नहीं है। इससे किसानों के भूमि संबंधी अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और उन्हें अनावश्यक प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रकरणों का जल्द समाधान कराने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि सहकारिता एवं राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं। पात्र किसानों की जमीन को शीघ्र बंधक-मुक्त कराने के साथ राजस्व अभिलेखों में भी जरूरी संशोधन कराया जाए। उन्होंने 'MP Bhuabhilekh' पोर्टल पर रिकॉर्ड अपडेट करने की मांग भी की, ताकि भविष्य में किसानों को जमीन के क्रय-विक्रय, नामांतरण, विभाजन अथवा अन्य कार्यों में परेशानी न हो। सिंह ने प्रदेशभर में ऐसे सभी लंबित मामलों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनके निराकरण की मांग की है।