Bhopal Taxi Drivers Protest : राजधानी भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर बुधवार को टैक्सी चालकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में टैक्सी ड्राइवर यहां एकजुट हुए और ऐप आधारित कैब कंपनियों की किराया व्यवस्था के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने ओला-उबर जैसी कंपनियों की ओर से तय किए जा रहे कम किराए को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे टैक्सी चालकों का कहना है कि मौजूदा समय में वाहन चलाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों के साथ वाहन की किस्त, बीमा, सर्विसिंग और मेंटेनेंस का खर्च भी ड्राइवरों पर बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद ऐप आधारित कैब कंपनियों की ओर से कम किराया निर्धारित किया जा रहा है। ड्राइवरों का कहना है कि दिनभर वाहन चलाने के बाद भी पर्याप्त आमदनी नहीं हो पा रही है।
टैक्सी चालकों ने मांग की कि सरकार किराया निर्धारण की व्यवस्था में हस्तक्षेप करे। उनका कहना है कि यात्रियों से लिया जाने वाला किराया ऐसा होना चाहिए, जिससे वाहन संचालन का खर्च निकलने के साथ ड्राइवरों को उनकी मेहनत का उचित भुगतान भी मिल सके। प्रदर्शनकारियों ने ऐप आधारित कैब कंपनियों की किराया नीति पर भी सवाल उठाए।
टैक्सी चालकों ने अपनी मांगों को लेकर परिवहन मंत्री से मुलाकात करने की बात कही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखेंगे और जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे अपने परिवारों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। कुछ प्रदर्शनकारियों की ओर से आक्रोश में आत्मदाह जैसी गंभीर चेतावनी भी दी गई। हालांकि, इस तरह की चेतावनियों के बीच प्रशासन के लिए स्थिति को गंभीरता से संभालना महत्वपूर्ण हो गया है।
टैक्सी चालकों के प्रदर्शन के चलते बोर्ड ऑफिस चौराहे और आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी। बड़ी संख्या में ड्राइवरों के एकत्र होने से क्षेत्र में हलचल रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे सरकार के साथ टकराव नहीं चाहते, लेकिन लगातार बढ़ते खर्च और कम आमदनी के कारण अब अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
टैक्सी चालकों ने सरकार से किराया निर्धारण को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने और ऐप आधारित कैब कंपनियों की किराया नीति पर ठोस फैसला लेने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। अब देखना होगा कि सरकार और परिवहन विभाग टैक्सी चालकों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं।