भोपाल रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसी मां-बेटी।
RPF आरक्षक मधुसूदन यादव की सतर्कता से टला बड़ा हादसा।
शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से जुड़ी घटना CCTV में कैद, वीडियो वायरल।
मां-बेटी को मामूली चोटें आईं, प्राथमिक उपचार के बाद रवाना।
RPF Personnel Save Life Bhopal Station: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ आरक्षक की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। यहां चलती ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसने से एक महिला और उसकी 15 वर्षीय बेटी की जान खतरे में पड़ गई थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के आरक्षक मधुसूदन यादव ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना के बाद आरक्षक की सूझबूझ और बहादुरी की सराहना की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना ट्रेन नंबर 12156 शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस से जुड़ी है। सफर के दौरान 15 वर्षीय लड़की ट्रेन के बाथरूम में गई थी। उसे वापस आने में कुछ देर हो गई। बेटी का इंतजार करते हुए उसकी मां प्लेटफॉर्म पर ही रुक गईं। इसी बीच ट्रेन ने प्लेटफॉर्म से चलना शुरू कर दिया। मां-बेटी ने चलती ट्रेन में चढ़ने या उससे उतरने की कोशिश की, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया। इसके चलते दोनों ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच मौजूद खतरनाक खाली जगह में फंस गईं। अचानक हुई इस घटना से स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसे के दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ आरक्षक मधुसूदन यादव की नजर मां-बेटी पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने बिना देर किए कार्रवाई की। आरक्षक ने तेजी से मौके पर पहुंचकर दोनों को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी तत्परता के कारण महिला और उसकी बेटी की जान बच गई। यदि समय रहते मदद नहीं मिलती, तो यह घटना गंभीर हादसे में बदल सकती थी। आरक्षक की इस सूझबूझ को लेकर स्टेशन पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
भोपाल रेलवे स्टेशन पर हुई इस घटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है। फुटेज सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में हादसे की गंभीरता और समय पर मिली मदद को लेकर चर्चा हो रही है। आरपीएफ आरक्षक मधुसूदन यादव की बहादुरी की लोग सराहना कर रहे हैं। यह घटना रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा और सतर्कता के महत्व को भी सामने लाती है।
जानकारी के अनुसार, हादसे में मां-बेटी को मामूली चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित रूप से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। इस घटना से यात्रियों को यह सीख मिलती है कि ट्रेन के चलने के बाद उसमें चढ़ने या उतरने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना जानलेवा साबित हो सकता है। यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के लिए उसके पूरी तरह रुकने का इंतजार करना चाहिए। राजधानी भोपाल के रेलवे स्टेशन पर आरक्षक की सतर्कता ने एक परिवार को बड़े नुकसान से बचा लिया।