BJP Yuva Morcha Divyarishi Tiwari Death : राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी (29) की करंट लगने से मौत हो गई। वह परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। सड़क पार करते समय जैसे ही उन्होंने स्ट्रीट लाइट के पोल को हाथ लगाया, उन्हें जोरदार करंट लग गया। हादसे में उनकी पत्नी भी करंट की चपेट में आईं, हालांकि वह खुद को अलग करने में सफल रहीं।
जानकारी के मुताबिक, दिव्यऋषि तिवारी रविवार रात अपनी पत्नी के साथ डीबी मॉल की ओर जा रहे थे। उनकी कार सड़क की दूसरी तरफ खड़ी थी। सड़क पार करते समय डिवाइडर के पास लगे स्ट्रीट लाइट के पोल को उन्होंने हाथ लगाया। पोल में करंट दौड़ रहा था और संपर्क में आते ही वह इसकी चपेट में आ गए। मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है कि पोल से एक तार निकला हुआ था और इसी खुले तार के कारण पोल में करंट आने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे के बाद यह भी बताया जा रहा है कि पोल और उससे जुड़ी समस्या को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं। इसके बावजूद समस्या का समय रहते सुधार नहीं किया गया। ऐसे में हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर पोल को लेकर पहले से शिकायतें मिल रही थीं, तो उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
हादसे के दौरान दिव्यऋषि की पत्नी भी करंट की चपेट में आ गईं। हालांकि उन्होंने किसी तरह खुद को पोल के संपर्क से अलग कर लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद शुरू की।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे। ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी ने दिव्यऋषि को CPR देकर बचाने का प्रयास किया। इसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। उन्हें AIIMS भोपाल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
रिपोर्ट्स के अनुसार दिव्यऋषि तिवारी भोपाल के पत्रकार कॉलोनी क्षेत्र में रहते थे और जिला न्यायालय में वकालत भी करते थे। उनके पिता वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। परिवार के साथ सामान्य तौर पर खरीदारी के लिए निकली शाम अचानक मातम में बदल गई।
राजधानी भोपाल के एमपी नगर जैसे व्यस्त इलाके में सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट पोल में करंट आने और कथित तौर पर खुले तार के संपर्क में आने से एक व्यक्ति की जान चली गई। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सड़क किनारे लगे बिजली और स्ट्रीट लाइट के पोल की नियमित सुरक्षा जांच होती है। साथ ही, पहले से शिकायतें होने के बावजूद समस्या का समाधान क्यों नहीं किया गया। फिलहाल एमपी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसा पोल में करंट कैसे आया और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी थी, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।