Highlights
भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) ने किया प्रदर्शन।
निजी स्कूल-कॉलेजों में मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग।
आदिवासी छात्रावासों में भोजन, पेयजल, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग।
ग्रामीण सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने और शिक्षकों की भर्ती जल्द पूरी करने की अपील।
शासकीय और निजी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग।
विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपेगा GSU।
Bhopal Gondwana Students Union Protest : भोपाल में विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं को लेकर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU)ने मोर्चा खोल दिया। संगठन की ओर से राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर प्रदर्शन किया गया। निजी स्कूल-कॉलेजों में मनमानी फीस, छात्रवृत्ति और आवास सहायता राशि बढ़ाने, छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और शिक्षकों की भर्ती जल्द पूरी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों ने आवाज उठाई। इन मांगों को लेकर जीएसयू संगठन सरकार को ज्ञापन सौंपेगा।
GSU का कहना है कि प्रदेश में विद्यार्थियों को शिक्षा के दौरान आर्थिक परेशानियों के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों और आदिवासी विद्यार्थियों के छात्रावासों में सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
भोपाल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि आदिवासी विद्यार्थियों को छात्रावासों में जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। जिसके कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने छात्रावासों में स्वच्छ भोजन, पेयजल, बिजली, शौचालय और सुरक्षित परिसर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के साथ छात्रावासों की संख्या और सीटें बढ़ाने की मांग की है।
GSU ने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो। छात्रों ने सरकार से शिक्षा व्यवस्था की जमीनी स्थिति पर ध्यान देने और समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।
संगठन ने छात्रवृत्ति में देरी और विद्यार्थियों को मिलने वाली आवास सहायता राशि का मुद्दा भी उठाया है। GSU की मांग है कि पात्र विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र पूरा होने से पहले छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध कराई जाए। वहीं, आवास सहायता राशि बढ़ाकर 4 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की गई है। इसके अलावा निजी स्कूलों और कॉलेजों में फीस निर्धारित करने के लिए शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले स्पष्ट व्यवस्था बनाने तथा मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई है।
GSU ने प्रदेश के शासकीय और निजी महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि चुनाव कराने के लिए स्पष्ट नीति और समय-सीमा तय की जानी चाहिए। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने और वर्ग-3 के चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग भी उठाई गई है।
संगठन ने विद्यार्थियों की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की अपील की है। प्रदर्शन के माध्यम से GSU छात्रों की मांगों को शासन तक पहुंचाने और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग कर रही है।