भोपाल में किसानों का महा-संग्राम (सोर्स- सोशल मीडिया) 
भोपाल

भोपाल में किसानों का महा-संग्राम, पूरी तैयारी में प्रदर्शनकारी; भारी पुलिस बल तैनात- देखें VIDEO

Farmers Protest MP: भोपाल में किसानों का बड़ा हल्लाबोल, पुलिस से धक्का-मुक्की के बाद बैरिकेड्स तोड़कर राजधानी में घुसे हजारों किसान, सीएम हाउस की ओर कूच से पुलिस-प्रशासन में मचा हड़कंप।

सजल रघुवंशी

Kisan Kranti Paidal Yatra Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में किसानों का पैदल मार्च मंगलवार शाम राजधानी भोपाल पहुंच गया। 11 मील तिराहे पर लगी बैरिकेडिंग के पास किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी भोपाल में प्रवेश कर गए। इसके बाद किसान सीएम हाउस की ओर बढ़ने लगे।

किसानों के राजधानी में पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया। सीएम हाउस की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

अब तक 2 हजार किसान भोपाल में कर चुके प्रवेश

प्रशासन के अनुसार अब तक करीब 2,000 किसान भोपाल में प्रवेश कर चुके हैं, जबकि किसान संगठनों का दावा है कि यह संख्या 8,000 के करीब है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

सीएम हाउस घेरने की कोशिश में किसान

बता दें कि, किसान अपनी मुख्य मांग जिनमें मूंग की 100% सरकारी खरीदी, फसलों के उचित दाम और खाद वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भोपाल पहुंचे हैं। प्रदर्शनकारी किसानों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी तब तक वह ऐसे ही प्रदर्शन करते रहेंगे। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने नवभारत लाइव से बातचीत के दौरान बताया कि उनका लक्ष्य सीएम हाउस का घेराव करना है।

किसानों को मिला उमंग सिंघार का समर्थन

इस प्रदर्शन के बीच मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का बयान भी सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उमंग सिंघर लिखते हैं कि अपनी मांगों को लेकर हजारों किसान भोपाल पहुंच चुके हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे वापस नहीं लौटेंगे। प्रशासन ने किसानों को हटाने के लिए भारी पुलिस बल लगाया है।

उन्होंने आगे कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार की सख़्ती या अन्याय स्वीकार्य नहीं है। मुख्यमंत्री जी, किसानों के प्रतिनिधियों से तुरंत बातचीत करें, उनकी माँगों पर सकारात्मक निर्णय लें और स्थिति का समाधान संवाद के माध्यम से करें।

https://youtu.be/V9ZY2bACkws?si=8RCvN7NSbl_kohOk

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