मालिक की मौत का सदमा नहीं झेल पाया डुग्गू (सोर्स- सोशल मीडिया) 
बैतूल

बैतूल: मालिक की मौत का सदमा नहीं सह पाया डुग्गू, अंतिम बिदाई होते ही तोड़ा दम; जानवर और इंसान के प्रेम की मिसाल

Human Animal Bond Emotional Story: बैतूल में वफादारी की मिसाल, मालिक प्रदीप जैन की मौत का सदमा नहीं सह सका पालतू डॉगी 'डुग्गू', अंतिम दर्शन के बाद तोड़ा दम, एक साथ हुई विदाई।

सजल रघुवंशी

Betul Pet Emotional Story: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से इंसान और उसके पालतू डॉगी के अटूट रिश्ते की ऐसी मार्मिक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां अपने मालिक की मौत का सदमा एक पालतू डॉगी बर्दाश्त नहीं कर सका और अंतिम दर्शन के कुछ ही देर बाद उसने भी दम तोड़ दिया। इसके बाद परिवार ने मालिक और उसके सबसे वफादार साथी को एक साथ अंतिम विदाई देकर इंसान और पशु के बीच प्रेम और निष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की।

14-15 साल का साथ, एक पल में बिछड़ गया

यह भावुक घटना बैतूल जिला मुख्यालय के गंज क्षेत्र की है। यहां पान-चाय की दुकान चलाने वाले प्रदीप जैन लंबे समय से अस्वस्थ थे और राजधानी भोपाल के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। रविवार को उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। प्रदीप जैन का अपने पालतू 'डुग्गू' से बेहद गहरा लगाव था। पिछले 14 से 15 वर्षों से डुग्गू परिवार का अभिन्न सदस्य बनकर उनके साथ रह रहा था। प्रदीप जब भी दुकान जाते या लौटते, डुग्गू हमेशा घर के दरवाजे पर उनका इंतजार करता था और अक्सर उनके साथ ही खाना भी खाता था।

अंतिम दर्शन के बाद हमेशा के लिए सो गया डुग्गू

परिजनों ने बताया कि रविवार शाम जब प्रदीप जैन का पार्थिव शरीर घर लाया गया भीड़ अधिक होने के कारण उसे दूसरे कमरे में रखा गया था। सोमवार को अंतिम यात्रा से पहले जब परिवार ने उसे प्रदीप के अंतिम दर्शन कराए, तो वह कुछ देर तक अपने मालिक को एकटक निहारता रहा। इसके बाद वह चुपचाप दूसरे कमरे में चला गया। जैसे ही प्रदीप जैन की अर्थी घर से रवाना हुई, डुग्गू ने कमरे में दो-तीन चक्कर लगाए और जमीन पर लेट गया। जब परिवार के लोग उसके पास पहुंचे, तब तक वह हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह चुका था।

एक साथ निकली अंतिम यात्रा, नम हो गईं हर आंखें

डुग्गू की मौत के बाद परिवार ने उसे केवल एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह सम्मान दिया। प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा के साथ ही डुग्गू को भी अंतिम विदाई दी गई। गंज मोक्षधाम में जहां प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार किया गया, वहीं पास में डुग्गू को पूरे सम्मान के साथ दफनाया गया। इस भावुक दृश्य को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सच्चा प्रेम और वफादारी शब्दों के मोहताज नहीं होते, बल्कि भावनाओं से जीए जाते हैं।

https://youtu.be/WeWG-PZkId0?si=R9XzWZrPY5IddGQF

Explainer: हाजी मस्तान, दाऊद और अब लॉरेंस बिश्नोई गैंग! बॉलीवुड में अंडरवर्ल्ड के दखल की पूरी कहानी

देश की पहली डिजिटल जनगणना से बदलेगी भारत की तस्वीर! जानिए योजनाओं से आरक्षण तक क्या-क्या बदलेगा

झारखंड से दिल्ली तक मानव तस्करी का जाल! 4 नाबालिग लड़कियां बरामद, जानिए देश में कितनी भयावह है इसकी तस्वीर

जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर पकड़ा गया संदिग्ध यात्री, बैग जांच के दौरान भागा तो CISF ने दौड़ाकर पकड़ा

आशुतोष रांका और सौरभ दास मामले में SEM कोर्ट ने बढ़ाई दो दिन की न्यायिक हिरासत