Muslim Friend Performs Hindu Last Rites: मध्यप्रदेश के आलीराजपुर से इंसानियत और सच्ची दोस्ती की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहां एक मुस्लिम युवक ने अपने हिंदू मित्र की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कर मानवता और भाईचारे की मिसाल पेश की।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान के अजमेर निवासी अशोक सिंह सोलंकी नर्मदा पाइपलाइन परियोजना में कार्यरत मेघा कंपनी में ड्राइवर थे। देर रात मालवई गांव के पास शिव मंदिर के समीप सड़क दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अज्ञात वाहन की टक्कर के बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अशोक सिंह के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और उनके किसी नजदीकी परिजन का पता भी नहीं चल सका। ऐसे कठिन समय में उनके करीब 30 साल पुराने मित्र और साथी ड्राइवर सुल्तान गनी आगे आए। दोस्त की मौत से दुखी सुल्तान ने तय किया कि वे अपने दोस्त को सम्मानजनक विदाई देंगे।
समाजसेवियों की मदद से सुल्तान गनी ने मानवता का परिचय देते हुए अंतिम संस्कार की पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। पुलिस की मौजूदगी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पंचेश्वर मुक्तिधाम में अशोक सिंह सोलंकी का हिंदू परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।
मुक्तिधाम में मौजूद लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं जब एक मुस्लिम मित्र अपने हिंदू दोस्त की अंतिम संस्कार की हर जिम्मेदारी निभाता दिखाई दिया। सुल्तान गनी ने बताया कि वे अपने मित्र की अस्थियों का विसर्जन भी पुष्कर में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कराएंगे। उनका कहना है कि दोस्ती का रिश्ता किसी धर्म या मजहब का मोहताज नहीं होता।
ये भी पढ़ें : मध्य प्रदेश में मानसून से पहले मौसम का मिजाज बदला, कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट, तापमान में गिरावट
आलीराजपुर की यह घटना समाज को एक मजबूत संदेश देती है कि इंसानियत सबसे बड़ा धर्म है। जब मुश्किल समय में अपने साथ नहीं होते, तब सच्चे दोस्त ही परिवार बनकर खड़े होते हैं। सुल्तान गनी और उनके सहयोगियों ने जो उदाहरण पेश किया है, वह सामाजिक सौहार्द, भाईचारे और मानवीय मूल्यों की प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।