इंदौर। मध्यप्रदेश की व्यावसायिक राजधानी में आज सोमवार को एक कार्यक्रम के तहत 485 नव आरक्षक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में औपचारिक रूप से शामिल हो गए। यहां पर कार्यक्रम के दौरान भारतीय सरहद की रक्षा के लिए जान की बाजी लगाने की शपथ दिलाई गई है। इस कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ के सहायक प्रशिक्षण केंद्र (एसटीसी) में आयोजित परेड के दौरान इन नव आरक्षकों को केंद्रीय सशस्त्र बल में विधिवत शामिल किया गया। आपको बता दें कि, मध्यप्रदेश से कई युवा बीएसएफ की भर्ती में शामिल हुए है।
इस कार्यक्रम के दौरान बीएसएफ में शामिल हो रहे युवा नव आरक्षकों ने राष्ट्रध्वज तिरंगे को साक्षी मानकर भारतीय सीमाओं की रक्षा के साथ ही देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को बनाए रखने की शपथ ली।
इस कार्यक्रम के दौरान एसटीसी के महानिरीक्षक अश्वनी कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शपथ परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि एसटीसी में 44 सप्ताह के कड़े प्रशिक्षण के दौरान 485 जवानों को शारीरिक व मानसिक मजबूती, युद्ध कौशल और हथियार चलाने तथा इनके रख-रखाव के गुर सिखाए गए।
ये भी पढ़ें-छत्तीसगढ़ से आता है हाथियों का झुंड, मध्यप्रदेश में हाथियों की मौत पर सीएम यादव लेंगे ये एक्शन
उन्होंने बताया, “प्रशिक्षण के दौरान जवानों को सामाजिक सरोकारों के प्रति भी जागरूक किया गया क्योंकि सीमाओं पर तैनाती के दौरान उनका वास्ता समाज के अलग-अलग लोगों से पड़ता है।” अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ में शामिल होने वाले नव आरक्षकों में मध्यप्रदेश और बिहार के तीन-तीन, पश्चिम बंगाल के 153 और झारखंड के 326 निवासी शामिल हैं।
भारतीय सेना में शामिल होने वाले नव आरक्षकों की बात करें तो यहां पर बीएसएफ, सीआईएसएफ जैसे जवान देश की रक्षा के लिए शामिल होते है। इस दौरान वे रक्षा के लिए कार्यरत रहते है।