सर्दियों में बालों का रूखापन और टूटना कम करने के लिए अपनाएं सही हेयर केयर रूटीन।
गर्म पानी, गलत ऑयलिंग और गीले बालों को रगड़ने जैसी गलतियों से बचें।
लगातार हेयर फॉल, स्कैल्प में खुजली या गंजे पैच दिखने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
Hair Fall Control Routine: सर्दियों की शुरुआत होते ही बाल रूखे, बेजान और उलझे हुए हो जाते है। कई लोगों को इस मौसम में स्कैल्प पर खुजली, डैंड्रफ और बाल टूटने की परेशानी होने लगती है। इस मौसम में ठंडी और कम नमी वाली हवा बालों को प्रभावित करती है, जिससे बालों में रूखापन और टूटने की समस्या बढ़ जाती है।
हालांकि, हर तरह के हेयर फॉल की वजह मौसम नहीं होती है। तनाव, हेल्थ प्रॉब्लम, पोषण की कमी और हार्मोनल बदलाव भी इसके कारण हो सकते हैं। इसलिए सर्दियों में बालों की अधिक केयर की जरूरत पड़ती है।
सुबह उठने के बाद बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं। इसके लिए चौड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें। बालों के सिरों से कंघी करना शुरू करें और धीरे-धीरे ऊपर की तरफ बढ़ें। बहुत टाइट पोनीटेल या जूड़ा बनाने से भी बचें, क्योंकि लगातार खिंचाव बालों को नुकसान पहुंचाता है।
सर्दियों में बहुत गर्म पानी से बाल धोने का मन करता है, लेकिन इससे बाल और स्कैल्प रूखे हो सकते हैं। इसलिए गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। शैंपू मुख्य रूप से स्कैल्प पर लगाएं और उंगलियों के पोरों से हल्के हाथों से मसाज करें।
बाल कितनी बार धोएं, यह स्कैल्प के ऑयली होने, पसीने और हेयर टाइप पर निर्भर करता है। अगर स्कैल्प जल्दी ऑयली हो जाता है, तो ज्यादा बार शैंपू करना पड़ सकता है।
सर्दियों में बालों की लंबाई में कंडीशनर जरूरी है। इसे बालों के बीच से सिरों तक लगाएं। इससे बालों को सुलझाना आसान होता है और कंघी करते समय टूटने की आशंका कम होती है।
बालों में तेल लगाने से रूखापन कम होता है और बाल सुलझे हुए रहते हैं। अपनी पसंद का ऐसा तेल चुनें जो स्कैल्प को सूट करे। तेल लगाते समय नाखूनों से जोर-जोर से मसाज न करें और बहुत गर्म तेल का इस्तेमाल करने से बचें। अगर स्कैल्प पर खुजली, लालिमा या डैंड्रफ की समस्या है, तो तेल लगाने से परेशानी बढ़ सकती है।
गीले बाल अपेक्षाकृत नाजुक होते हैं। शैंपू के बाद बालों को तौलिए से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथों से दबाकर पानी सोखें। संभव हो तो बालों को नेचुरली सूखने दें। हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करना हो, तो कम तापमान पर करें। स्ट्रेटनर और कर्लर जैसे हीट स्टाइलिंग टूल्स का भी इस्तेमाल कम करें।
बालों की सेहत के लिए संतुलित डाइट जरूरी है। खाने में दाल, दूध, दही, पनीर, अंडे या अन्य प्रोटीन स्रोत शामिल करें। आयरन और अन्य पोषक तत्वों की कमी भी बाल झड़ने का कारण हो सकती है। हालांकि, बिना जांच के आयरन, बायोटिन या दूसरे सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।
अगर बाल लगातार बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं, मांग चौड़ी होती जा रही है, सिर पर खाली पैच दिख रहे हैं या स्कैल्प में लगातार खुजली और सूजन है, तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें। हेयर फॉल के पीछे कई कारण हो सकते हैं और सही उपचार उसके कारण पर निर्भर करता है। सिर्फ तेल या शैंपू बदलने के बजाय समस्या की असली वजह पहचानना ज्यादा जरूरी है।