हम्पी का विजया विट्ठल मंदिर (सोर्स- डिजाइन इमेज) 
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प्राचीन भारत के पास थी अनोखी साउंड इंजीनियरिंग, इस मंदिर में विज्ञान हार जाता है; जानें म्यूजिल पिलर का रहस्य

Vijaya Vitthala Temple: हम्पी का विजया विट्ठल मंदिर अपनी बेजोड़ शिल्पकला और संगीत पैदा करने वाले 56 स्तंभों के लिए प्रसिद्ध है। जानें इस यूनेस्को धरोहर के अनसुलझे वैज्ञानिक रहस्य।

सजल रघुवंशी

Hampi Musical Pillar Temple: भारत की प्राचीन वास्तुकला केवल निर्माण कला नहीं बल्कि विज्ञान, आध्यात्मिकता और सौंदर्यबोध का अद्भुत संगम है। इसी परंपरा का एक अनमोल उदाहरण है कर्नाटक के विजया विट्ठल मंदिर, जो अपनी अनोखी शिल्पकला और रहस्यमयी संगीत स्तंभों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।

तुंगभद्रा नदी के तट पर स्थित यह भव्य मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है। 15वीं शताब्दी में विजयनगर साम्राज्य के उत्कर्ष काल में निर्मित यह मंदिर उस युग की तकनीकी दक्षता और कलात्मक उत्कृष्टता का जीवंत प्रमाण है, जो आज भी इतिहासकारों और वैज्ञानिकों को समान रूप से आकर्षित करता है।

विजयनगर काल की भव्यता का प्रतीक

विजया विट्ठल मंदिर का निर्माण विजयनगर साम्राज्य के राजा देवराय द्वितीय के शासनकाल में हुआ था, जिसे बाद में महान शासक कृष्णदेवराय ने और भव्य रूप दिया। यह मंदिर भगवान विष्णु के अवतार विट्ठल को समर्पित है। मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर की गई बारीक नक्काशी इतनी जीवंत है कि वह उस दौर की संस्कृति, युद्धकला और नृत्य परंपरा को सजीव कर देती है।

शिल्पकला का अद्भुत नमूना

मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही सबसे पहले जो चीज ध्यान आकर्षित करती है, वह है विशाल पत्थर का रथ। यह भारत के सबसे प्रसिद्ध पत्थर के रथों में से एक माना जाता है। पहली नजर में यह एक ही पत्थर से बना प्रतीत होता है, लेकिन वास्तव में इसे ग्रेनाइट के बड़े-बड़े टुकड़ों को जोड़कर तैयार किया गया है। विजयनगर साम्राज्य के पतन के दौरान इसे नुकसान पहुंचा फिर भी इसकी भव्यता आज भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

Stone Chariot at Vitthala Temple

संगीत स्तंभों का अनसुलझा रहस्य

विजया विट्ठल मंदिर की सबसे अनोखी विशेषता इसके 56 म्यूजिकल पिलर्स हैं, जिन्हें सारेगामा स्तंभ भी कहा जाता है। ये स्तंभ मंदिर के महामंडप में स्थित हैं और इन्हें हल्के से थपथपाने पर संगीत के सात सुरों जैसी ध्वनि उत्पन्न होती है। हैरानी की बात यह है कि ये स्तंभ ठोस ग्रेनाइट पत्थर के एक ही टुकड़े से बने हैं, जिनमें कोई खोखलापन नहीं है। वैज्ञानिक आज भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बिना किसी आधुनिक तकनीक के, प्राचीन कारीगरों ने यह अद्भुत ध्वनि संरचना कैसे बनाई।

Musical Pillar

इतिहास, विज्ञान और आस्था का संगम

ऐसा कहा जाता है कि ब्रिटिश काल में इस रहस्य को जानने के लिए कुछ स्तंभों को काटा भी गया लेकिन अंदर से वे पूरी तरह ठोस ही निकले। यह मंदिर प्राचीन भारतीय “लिथोफोन” तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें पत्थरों से ध्वनि उत्पन्न की जाती है। मंदिर का विशाल प्रांगण, नक्काशीदार दीवारें और सूर्यास्त के समय सुनहरी आभा इसे और भी दिव्य बना देती हैं। विजया विट्ठल मंदिर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह भारत की प्राचीन वैज्ञानिक सोच और कलात्मक श्रेष्ठता का जीवंत प्रतीक भी है।

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