ऐसे करें हेलिकॉप्टर का टिकट बुक (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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हेलीकॉप्टर से पहुंचे बाबा केदार के द्वार, जानें IRCTC से टिकट बुक करने का सही तरीका और लेटेस्ट किराया

Char Dham Yatra: चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग 11 अप्रैल से IRCTC पर लाइव होगी। जानें रूट, किराया और साइबर ठगी से बचने के जरूरी नियम।

सजल रघुवंशी

Kedarnath Helicopter Booking: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। 19 अप्रैल 2026 से इस पावन यात्रा का शुभारंभ होने वाला है, जिसका देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

यात्रा की शुरुआत यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को खुलेंगे।

केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग कब और कैसे करें

केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा एक तेज और सुविधाजनक विकल्प है। 2026 के लिए हेलीकॉप्टर टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग 11 अप्रैल शाम 6 बजे से शुरू हो चुकी है। फिलहाल यह बुकिंग 22 अप्रैल से 11 मई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है। हेलीकॉप्टर बुकिंग का एकमात्र आधिकारिक प्लेटफॉर्म आईआरसीटीसी की वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल इसी वेबसाइट से टिकट बुक करें जिससे किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

किराया और रूट की पूरी जानकारी

केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा के लिए तीन प्रमुख रूट उपलब्ध हैं। सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी। इन रूट्स के जरिए श्रद्धालु आसानी से धाम तक पहुंच सकते हैं। राउंड ट्रिप का अनुमानित किराया इस प्रकार है:

  • सिरसी रूट: लगभग ₹6,390
  • फाटा रूट: लगभग ₹10,164
  • गुप्तकाशी रूट: लगभग ₹12,762

यात्री अपनी सुविधा और बजट के अनुसार रूट का चयन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि एक यूजर आईडी से एक बार में अधिकतम 6 टिकट ही बुक किए जा सकते हैं।

बुकिंग प्रक्रिया और जरूरी नियम

हेलीकॉप्टर टिकट बुक करने से पहले उत्तराखंड पर्यटन पोर्टल पर ‘चार धाम यात्रा पंजीकरण’ अनिवार्य है। इसके बाद ही आप IRCTC की वेबसाइट पर लॉग इन कर स्लॉट बुक कर सकते हैं। अगर आपको अधिक टिकट चाहिए तो अलग-अलग लॉग इन के जरिए बुकिंग करनी होगी। वहीं, टिकट कैंसिल करने पर 5 से 7 दिनों के भीतर रिफंड भी मिल जाता है, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलती है।

साइबर ठगों से बचने के लिए जरूरी सावधानियां

चार धाम यात्रा के दौरान भारी भीड़ और टिकटों की मांग को देखते हुए साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। यह ठग नकली वेबसाइट और फर्जी ऑफर्स के जरिए लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान व्हाट्सएप मैसेज, कॉल या सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा न करें। केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही टिकट बुक करें। उत्तराखंड पुलिस भी लगातार ऐसे ठगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, लेकिन आपकी सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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