नागपुर: पेंच टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। देश-विदेश में मशहूर पेंच में हर वर्ष लाखों पर्यटक जंगल के खूबसूरत दृश्यों और प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं। 789 वर्ग किमी में फैले वन में जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ, तेंदुआ, हिरण, नीलगाय, बारहसिंगा, लोमड़ी आदि वन्यजीवों के दीदार होते हैं। नए साल में भी पर्यटकों की भीड़ उमड़ेगी।
अब पर्यटकों के लिए वन विभाग की ओर से खुशखबरी मिली है। पेंच टाइगर रिजर्व को अधिक आकर्षक बनाने के लिए यहां बोटिंग सफारी शुरू करने की योजना बनाई गई थी। नए वर्ष में बोटिंग सफारी शुरू होने के संकेत प्राप्त हुए हैं। इसके लिए महाराष्ट्र इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (MEDB) के माध्यम से सरकार को स्थायी पर्यटन के लिए 2.5 करोड़ रुपये की व्यापक योजना सौंपी गई थी।
बोटिंग सफारी के तहत 1.5 करोड़ की लागत से पेंच में 2 गैर प्रदूषणकारी इलेक्ट्रिक नौकाएं लाई जाएंगी। बोटिंग सफारी का उद्देश्य नाव सफारी को एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण के रूप में बढ़ावा देना है और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देना है।
सोलार पावर से चलने वाली 2 नौकाओं से रोजाना 2 ट्रिप प्रति नौका ऐसे कुल 4 ट्रिप लगाई जाएंगी। सुबह और दोपहर कोलितमारा से कुवारा भिवसेन होते हुए नवेगांव खैरी तक लगभग 23 किमी लंबे रूट पर पर्यटकों को जल पर्यटन का आनंद मिलेगा। इसमें लगभग 2.5 घंटे का समय लगेगा। एक बोट में 24 पर्यटक सवार हो सकेंगे। इसके तहत रोजाना कुल 96 पर्यटक बोटिंग सफारी का आनंद ले सकेंगे। बोटिंग सफारी के लिए प्रति पर्यटक 1,500 रुपये का टिकट शुल्क लिया जाएगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है।
अधिकारियों के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यटकों को जल पर्यटन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बोटिंग सफारी शुरू की जा रही है। इसके तहत 2 इलेक्ट्रिक नौकाएं लाई जाएंगी। इसके बाद पर्यटक बोटिंग सफारी का आनंद ले सकेंगे। पेंच में बोटिंग सफारी वर्ष 2024 में ही शुरू की जानी थी लेकिन नाव के अभाव में इसे शुरू नहीं किया जा सका। दोनों नौकाएं इस वर्ष जून माह में दक्षिण भारत से लाई जानी थीं लेकिन भारी बारिश के और बाढ़ जैसे हालातों के कारण नावें नहीं लाई जा सकीं। दोनों नौकाएं जल्द ही पेंच में आ जाएंगी। इसके बाद बोटिंग सफारी पर्यटकों के लिए उपलब्ध होगी।