स्किन व्हाइटनिंग क्रीम (फोटो. एआई) 
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Skin Whitening Cream: सावधान! रातोंरात गोरा बनाने वाली क्रीम में छिपा है मरकरी-लेड, पूरा शरीर हो सकता है बीमार

Skin Whitening Cream: रातों रात चेहरे को गोरा करने का दावा करने वाली फेश व्हाइटनिंग क्रीम में भारी मात्रा में ऐसी चीजें पाई गई हैं, जो न केवल स्किन बल्कि पूरे शरीर पर बुरा प्रभाव डाल सकती है।

रीता राय सागर

Mercury In Cosmetics: फेयरनेस क्रीमों में भारी मात्रा में मरकरी और लेड जैसे खतरनाक धातु पाए गए हैं। जिसका न केवल हमारे चेहरे पर बल्कि किडनी, दिमाग और तंत्रिका तंत्र पर भी गंभीर असर पड़ता है।  ऐसे में किसी भी स्किन लाइटनिंग क्रीम को खरीदने या लगाने से पहले उसमें मौजूद इंग्रेडिएंट्स को जांच लेना चाहिए।

स्किन व्हाइटनिंग क्रीम में मरकरी का क्या काम

दरअसल मरकरी का काम त्वचा में बनने वाले मेलानिन को कम करना है। मेलानिन ही हमारी त्वचा के निखार के लिए जिम्मेदार होता है। स्किन में जब मेलानिन की मात्रा घटती है, तो तो त्वचा की रंगत कुछ ही दिनों में निखरने लगती है। इन क्रीम्स का लंबे समय तक इस्तेमाल करने से शरीर में मरकरी जमा होने लगता है, जिससे कई स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

त्वचा से लेकर किडनी और दिमाग तक पड़ सकता है असर

मरकरी सिर्फ त्वचा की ऊपरी परत तक सीमित नहीं रहता। यह त्वचा के जरिए शरीर में पहुंचता है और वहां से खून में मिल सकता है, जो धीरे-धीरे किडनी, लिवर और दिमाग जैसे अंगों में डिपॉजिट होने लगता है।

स्किन व्हाइटनिंग क्रीम (फोटो. एआई)

मरकरी के लगातार इस्तेमाल से पड़ने वाले प्रभाव

  • किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना
  • याददाश्त कमजोर होना
  • हाथों में कंपन
  • चिड़चिड़ापन और बेचैनी
  • नींद न आना
  • नसों से जुड़ी समस्याएं

त्वचा पर पड़ने वाले नुकसान

  • त्वचा का पतला होना
  • चेहरे पर लालपन और जलन
  • खुजली और रैशेज
  • धूप के प्रति अधिक सेसंसेटिव होना
  • त्वचा पर काले धब्बे या पिगमेंटेशन

अत्यधिक इस्तेमाल से दिख सकते हैं निम्न लक्षण

  • लगातार खुजली या रैशेज
  • त्वचा का लाल होना
  • बार-बार सिरदर्द
  • हाथ-पैरों का सुन्न होना
  • थकान या मूड में बदलाव
  • मुंह में धातु जैसा स्वाद महसूस होना
  • धुंधला दिखाई देना
स्किन व्हाइटनिंग क्रीम (फोटो. सोशल मीडिया)

प्रेग्नेंसी में ज्यादा खतरा

विशेषज्ञों के मुताबिक, मरकरी गर्भ में पल रहे शिशु तक भी पहुंच सकता है। इससे बच्चे के मस्तिष्क और शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए गर्भवती महिलाओं और गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं को इस प्रकार के क्रीम या किसी भी अन्य प्रोडक्ट से दूर रहना चाहिए। जब भी कोई स्किन केयर या हेयर केयर खरीदें, तो यह सुनिश्चित करें कि वो प्रेग्नेंसी में इस्तेमाल के लिए सेफ हो।

लेड भी है उतना ही खतरनाक

कुछ व्हाइटनिंग क्रीमों में लेड का भी इस्तेमाल किया जाता है। शरीर में इसकी अधिक मात्रा पहुंचने से हाई ब्लड प्रेशर, फर्टिलिटी प्रॉब्लम और बच्चों के ब्रेन डेवलपमेंट में समस्या हो सकती है।

फेयरनेस क्रीम खरीदने से पहले इन बातों का रखें ख्याल

  • जो क्रीम इंस्टेंट ग्लो या रातों रात रंगत निखारने का दावा करती हों उससे बच कर रहना चाहिए।
  • हमेशा भरोसेमंद और अच्छे ब्रांड का ही प्रोडक्ट खरीदें।
  • पैक पर दिए गए इंग्रेडिएंट्स की सूची जरूर पढ़ें।
  • यदि सामग्री में Calomel, Mercurous Chloride, Mercurio या Ammoniated Mercury जैसे नाम लिखे हों, तो ऐसे उत्पाद से बचना चाहिए।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक किसी भी स्किन व्हाइटनिंग क्रीम का इस्तेमाल न करें।

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