पर्पल डे 2024 आज (सोशल मीडिया) 
लाइफस्टाइल

आज मनाया जा रहा है पर्पल डे, क्या होती है मिर्गी की बीमारी, जानिए कब हुई दिवस की शुरुआत

मिर्गी की यह बीमारी किसी भी उम्र में होती है जो चौथा सबसे आम तंत्रिका संबंधी विकार है। यह अत्यधिक उपचार योग्य भी है, और मिर्गी से पीड़ित 70% लोग केवल दवा की मदद से दौरे से मुक्त हो सकते हैं।

दीपिका पाल

नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: दुनिया में कई दिन किसी न किसी विषय के लिए मनाया जाता है इसलिए आज का दिन 26 मार्च बैंगनी दिवस यानी Purple Day 2024 मनाया जा रहा हैं। इस दिन को मिर्गी (Epilepsy) के प्रति जागरूकता के लिए मनाया जाता है। बता दें, न्यूरोलॉजिकल रोग दुनिया भर में लगभग 50 मिलियन लोगों और संयुक्त राज्य अमेरिका में 3.5 मिलियन लोगों को प्रभावित करता है।

जानिए क्या हैं पर्पल डे का इतिहास

पर्पल डे का इतिहास पुराना है इसकी स्थापना 2008 में नोवा स्कोटिया, कनाडा की नौ वर्षीय कैसिडी मेगन ने की थी। जिनका संबंध मिर्गी की बीमारी से था तो वही कैसिडी को बहुत छोटी उम्र में ही उन लोगों के संघर्षों के बारे में सीखना पड़ा, जिन्हें तंत्रिका संबंधी विकार के साथ रहना पड़ता है।मैरीटाइम्स की एपिलेप्सी एसोसिएशन ने उसके स्कूल में बात की और उसे कार्रवाई करने के लिए प्रेरित किया। वही पर मिर्गी अभियान के लिए पहला पर्पल डे 26 मार्च 2008 को था।

जानिए क्या है मिर्गी की बीमारी

यहां पर इस बीमारी मिर्गी की बात करे तो मिर्गी एक तंत्रिका संबंधी विकार है जो मस्तिष्क और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे बार-बार दौरे पड़ते हैं जो लंबाई और गंभीरता में भिन्न हो सकते हैं। मिर्गी के चार मुख्य प्रकार होते हैं, प्रत्येक के कई कारण होते हैं, और प्रत्येक के परिणामस्वरूप अलग-अलग स्तर के दौरे पड़ सकते हैं।

किसी भी उम्र में होती है बीमारी

आपको बताते चले, मिर्गी की यह बीमारी किसी भी उम्र में होती है जो चौथा सबसे आम तंत्रिका संबंधी विकार है। यह अत्यधिक उपचार योग्य भी है, और मिर्गी से पीड़ित 70% लोग केवल दवा की मदद से दौरे से मुक्त हो सकते हैं। मिर्गी से पीड़ित 30% लोगों के लिए जिन पर दवा का असर नहीं होता, उनके लिए अन्य प्रभावी उपचार से इलाज किया जाता हैं।

NEET में 570 अंक फिर भी नहीं मिली सीट तो बदली राह, 21 की उम्र में शुभांगी ने क्रैक कीं 5 सरकारी नौकरियां

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

BSP के ब्राह्मण चेहरे हुए बेगाने, 2027 में मायावती कैसे साधेंगी दलित-ब्राह्मण समीकरण?

हसीना को सौंपो, तभी आएंगे भारत! तारिक रहमान के भारत दौरे पर बांग्लादेश ने रखी शर्त, अगले महीने BRICS की बैठक

Africa Delivery Apps: अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स IND के स्टार्टअप्स से सीख सकते हैं डिलीवरी का तरीका: रिपोर्ट