National Cousins Day: भारतीय परिवार केवल चार लोगों से बनी बनती है और न ही माता-पिता और सगे भाई-बहनों तक सीमित होता है। परिवार में चचेरे, ममेरे, फुफेरे और मौसेरे भाई-बहन भी होते हैं, जिनके साथ बचपन की अनगिनत यादें जुड़ी होती हैं।
कजिन्स के साथ खेलना, छुट्टियों में मिलना, त्योहार मनाना और हर सुख-दुख में साथ खड़े रहना, यही इस रिश्ते को खास बनाता है। इसी रिश्ते को याद करने के लिए हर साल 24 जुलाई को नेशनल कजिन्स डे मनाया जाता है।
हर साल 24 जुलाई को नेशनल कजिन्स डे मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने कजिन्स को शुभकामनाएं भेजते हैं, सोशल मीडिया पर पुरानी तस्वीरें साझा करते हैं और रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए एक साथ समय बिताते हैं।
नेशनल कजिन्स डे की शुरुआत कब और किसने की, इसका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। माना जाता है कि यह दिन परिवार के उन रिश्तों को सम्मान देने के लिए शुरू किया गया, जो भाई-बहन होने के साथ-साथ दोस्त भी होते हैं। उनके साथ हर बात डिस्कस करना आसान लगता है। समय के साथ सोशल मीडिया और पारिवारिक आयोजनों के जरिए यह दिन कई देशों में लोकप्रिय हो गया है।
कजिन हमारी जिंदगी के पहले दोस्तों में से एक होते हैं। उनके साथ बचपन की शरारतें, छुट्टियों की मस्ती और पारिवारिक समारोह की यादें जिंदगी भर साथ रहती हैं। कई बार उनसे वह बातें भी साझा कर पाते हैं, जो किसी और से कहने में हिचकिचाहट होती है। यही वजह है कि कजिन्स का रिश्ता दोस्ती, विश्वास और अपनापन तीनों का खूबसूरत मेल माना जाता है।
भारतीय संस्कृति में संयुक्त परिवार की परंपरा रही है, जहां चाचा-बुआ-मौसी सबके बच्चे आपस में मिलते हैं। इससे रिश्ते मजबूत होते हैं। कई घरों में चचेरे, ममेरे, मौसेरे और फुफेरे भाई-बहन सगे भाई-बहनों की तरह साथ रहते और बड़े होते हैं। त्योहारों, शादियों और पारिवारिक समारोहों में इन्हीं रिश्तों की गरमाहट परिवार को एकजुट रखती है।
आज की व्यस्त जिंदगी में परिवार के साथ समय बिताना किसी लग्जरी से कम नहीं है, लेकिन अब अपनों से मिलना-जुलना पहले की तुलना में कम हो गया है। ऐसे में नेशनल कजिन्स डे हमें यह याद दिलाता है कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए समय निकालना जरूरी है। एक छोटा-सा संदेश, एक फोन कॉल या साथ बिताया गया थोड़ा-सा वक्त भी रिश्तों को जीवंत रखता है।