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आज से खरमास हुआ खत्म, फिर दिखेगी शादियों की धूमधाम, 4 महीने में विवाह के 41 मुहूर्त

वैष्णवी वंजारी

नई दिल्ली: पंचांग के अनुसार खरमास आरंभ होते ही वप खत्म होते तक कोई शादी नहीं की जाती, यानि शादी का कोई मुहूर्त नहीं रहता। अब आपको बता दें कि 14 अप्रैल 2022 यानी आज सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश कर गए हैं। इसी के साथ खरमास समाप्त हो जाएगा और शुभ कार्यों पर लगी पाबंदियां भी खत्म हो जाएंगी। बता दें कि पिछले महीने सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास लग गया था, जिसके बाद शादी-विवाह जैसे तमाम शुभ कार्यों पर रोक लग गई थी। जी हां अब खरमास समापन से लेकर देवशयन एकादशी तक पूरे चार महीने के लिए सभी शुभ कार्यों से पाबंदी हट जाएगी, और आप फिर से शुभ कार्य कर सकते है। 

दरअसल आने वाले इन 4 महीने में कुल 41 विवाह मुहूर्त विक्रम संवत्सर 2079 में खरमास की समाप्ति के बाद शादी-विवाह, देव प्रतिष्ठा, भवन निर्माण, गृह प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य 14 अप्रैल से प्रारंभ हो जाएंगे। 10 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चतुर्मास लगते ही शुभ कार्य पुन: बंद हो जाएंगे। वही ये पाबंदी 4 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक रहेगी। बता दें कि खरमास से देवशयनी एकादशी तक 4 महीने में विवाह के कुल 41 शुभ मुहूर्त होंगे। 

विवाह मुहूर्त: 

अप्रैल : 15, 17,19 से 23, 27,28 अप्रैल

मई : 2 से 4, 9 से 20, 24 से 26, 31 मई

जून : 1, 5 से 17, 21 से 23, 26 जून

जुलाई : 2, 3, 5, 6, 8 जुलाई

ज्योतिषविदों का कहना है कि सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 अप्रैल को सुबह करीब 8 बजकर 56 मिनट पर होगा। इसके बाद जो भी विवाह के शुभ मुहूर्त हैं, उनमें वर के लिए सूर्य और चंद्र की शुभता को ध्यान में रखना होगा। जबकि वधु के लिए बृहस्पति स्वराशि में होने के कारण अशुभ होते हुए भी शुभ रहेंगे। ऐसे में वधू के विवाह के लिए त्रिबल शुद्ध मुहूर्त निकालने के लिए सिर्फ चंद्रबल देखने की ही आवश्यकता रह जाएगी।

बुधादित्य योग के साथ ग्रहण दोष 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे जहां बुध पहले से ही विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। लेकिन सूर्य और राहु की युति से ग्रहण दोष भी लग रहा है. इस वजह से कुछ समस्याएं भी आड़े आ सकती हैं। ऐसे में दुर्घटनाओं के होने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। 

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