सीमा कुमारी
नवभारत लाइफस्टाइल डेस्क: जैसा कि, आज देशभर में बुद्ध पूर्णिमा 2024 मनाई जा रही है जिसका महत्व बौद्ध धर्म में बेहद ही खास होता है। इस दिन वैशाख महीने की पूर्णिमा तिथि बेहद खास मानी जाती है तो वहीं पर इस दिन गंगा स्नान करने का महत्व होता है। तो आज हम अपने लेख में बुद्ध पूर्णिमा पर स्नान करने के महत्व और पूजन विधि के बारे में जानेंगे।
जानें क्यों मनाई जाती है बुद्ध पूर्णिमा
यहां पर बात करें तो, पौराणिक कथाओं के अनुसार वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था जिन्हें भगवान विष्णु का ही 9वां अवतार कहा जाता है इनके लिए आज का दिन खास होता है और बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है।
जानिए बुद्ध पूर्णिमा पर गंगा स्नान का महत्व
शास्त्रों के अनुसार, बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करना बहुत ही शुभ माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन गंगा में स्नान करने से व्यक्ति तन और मन दोनों ही शुद्ध व पवित्र हो जाता है. इतना ही नहीं, पूर्णिमा के दिन यदि गंगा में स्नान के बाद पितरों का तर्पण किया जाए तो उनकी आत्मा को भी शांति मिलती है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के बाद दान करने से भी पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
जल दान करना होता है पुण्यकारी
हिंदू धर्म में जल दान को पुण्यकारी माना जाता है। जल दान करने से पितरों को तर्पण मिलता है और ग्रहों की शांति होती है। ऐसी मान्यता है कि जल दान करने से पापों का नाश होता है और मन को शांति मिलती है। जल दान करने से व्यक्ति को जीवन दान मिलता है।