भुट्टा (सौ. फ्रीपिक) 
लाइफस्टाइल

सावधान! ज्यादा पीले और चमकदार भुट्टे बढ़ा सकते हैं आपकी परेशानी; खरीदने से पहले ऐसे करें चेक

Corn Buying Guide: बाजार में मिलने वाले भुट्टे देखने में ताजे और चमकदार लग सकते हैं लेकिन कई बार ज्यादा पीला या असामान्य रूप से चमकदार भुट्टा सेहत के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

प्रीति शर्मा

Corn Buying Tips: गर्मियों और मानसून के मौसम में भुट्टा (कॉर्न) हर किसी की पहली पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हें आकर्षक दिखाने के लिए प्रिजर्वेटिव्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। ये केमिकल्स पेट दर्द और एलर्जी जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकते हैं।

शाम की सैर हो या सुहाना मौसम नींबू-मसाला लगा भुट्टा सेहत और स्वाद दोनों के लिए बेहतरीन माना जाता है। हालांकि, मुनाफे के चक्कर में आजकल बाजार में भुट्टों को लंबे समय तक ताजा और चमकदार बनाए रखने के लिए रसायनों का लेप लगाया जा रहा है। ऐसे भुट्टे स्वाद में तो फीके होते ही हैं साथ ही ये पाचन तंत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। अगर आप भी भुट्टा खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें।

दानों की चमक और रंग

प्राकृतिक और ताजा भुट्टे के दाने हमेशा हल्के पीले और मैट फिनिश (बिना ज्यादा चमक के) वाले होते हैं। यदि आपको भुट्टे के दाने असामान्य रूप से बहुत ज्यादा चमकदार, गहरे पीले या बिल्कुल एक जैसे सांचे में ढले हुए दिखें तो सावधान हो जाएं। यह इस बात का संकेत है कि उन्हें आकर्षक बनाने के लिए किसी वैक्स या केमिकल का उपयोग किया गया है।

गंध से करें पहचान

ताजे और असली भुट्टे में मिट्टी की सोंधी और प्राकृतिक खुशबू आती है। इसके विपरीत केमिकल ट्रीटेड भुट्टे से एक अजीब सी तीखी या रसायनों जैसी गंध आ सकती है। कभी-कभी दानों को सूंघने पर हल्की सी दवा जैसी बदबू आती है। ऐसी स्थिति में भुट्टा खरीदने से बचना ही बेहतर है।

पत्तियों की स्थिति

अक्सर लोग छिले हुए भुट्टे खरीदते हैं, लेकिन असली पहचान उसकी पत्तियों में छिपी होती है। प्राकृतिक भुट्टे की पत्तियां हल्की सूखी, पीली या झुर्रियों वाली हो सकती हैं। अगर भुट्टे के ऊपर की पत्तियां एकदम ताजी, गहरे हरे रंग की और प्लास्टिक जैसी चमकदार दिखें तो संभव है कि उन्हें स्टोर करने के लिए प्रिजर्वेटिव्स का छिड़काव किया गया हो।

दानों की बनावट और रस

भुट्टे को अंगूठे से हल्का दबाकर देखें। ताजा और बिना केमिकल वाला दाना मुलायम होगा और उसे दबाने पर दूधिया रस बाहर आएगा। यदि दाने बहुत ज्यादा सख्त हैं या दबाने पर रबर जैसे महसूस हो रहे हैं तो वह भुट्टा पुराना है या उसे केमिकल के जरिए सुखाकर कड़ा किया गया है। ऐसे भुट्टे पचने में भारी होते हैं और पेट दर्द का कारण बनते हैं।

अगली बार जब आप ठेले या बाजार से भुट्टा खरीदें तो उसकी दिखावट पर न जाकर इन बुनियादी गुणों को परखें। थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को फूड पॉइजनिंग और एलर्जी के खतरे से बचा सकती है।

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