आपके पैरों में बसता है एक और 'दिल (सौ. सोशल मीडिया) 
हेल्थ

दूसरे दिल को भी जानें : आपके पैरों में बसता है एक और 'दिल', इसका भी ख्याल रखना बेहद ज़रूरी

Calf Muscles: क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में एक और 'दिल' है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है? यह दूसरा 'दिल' आपके पैरों में है।

दीपिका पाल

Calf Muscles is Second Heart: जब भी हम स्वास्थ्य की बात करते हैं, हमारा ध्यान सबसे पहले दिल पर जाता है, जो सीने में रहकर पूरे शरीर में खून पंप करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में एक और 'दिल' है, जो आपके स्वास्थ्य के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है? यह दूसरा 'दिल' आपके पैरों में है - आपकी पिंडलियों की मांसपेशियां, जिन्हें चिकित्सकीय भाषा में 'काफ मसल्स' कहा जाता है।

आखिर क्यों कहते हैं पिंडलियों को 'दूसरा दिल'?

हमारे हृदय का काम पूरे शरीर में शुद्ध खून पहुंचाना है। लेकिन जब यह खून पैरों तक पहुंचता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण उसे वापस ऊपर, दिल की ओर लौटने में काफ़ी मशक्कत करनी पड़ती है। यहीं पर पिंडलियों की मांसपेशियां एक सहायक पंप की तरह काम करती हैं। जब हम चलते हैं, दौड़ते हैं, या पैरों को हिलाते हैं, तो ये मांसपेशियां सिकुड़ती हैं। यह सिकुड़न पैरों की नसों पर दबाव बनाती है, जिससे खून ऊपर की ओर धकेला जाता है, ठीक उसी तरह जैसे दिल धड़ककर खून को पंप करता है। इस प्रक्रिया को 'मसल पंप मैकेनिज़्म' (सीएमपी) कहते हैं, और इसी वजह से इन मांसपेशियों को 'दूसरा दिल' कहा जाता है। अगर यह दूसरा दिल ठीक से काम न करे, तो शरीर के निचले हिस्सों में रक्त का जमाव हो सकता है, जिससे सूजन, दर्द, भारीपन और वेरीकोज़ नसों जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। लंबे समय तक बैठे रहने या खड़े रहने से भी यह समस्याएं बढ़ती हैं।

शोध ने भी की पुष्टि: दूसरे दिल की कमज़ोरी बढ़ा सकती है मृत्यु दर

इस दूसरे दिल का ठीक से काम करना हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। हाल ही में मेयो क्लीनिक द्वारा जून 2024 में प्रकाशित एक अध्ययन में यह पाया गया कि जिन लोगों में सीएमपी की कार्यक्षमता कम थी, उनकी मृत्यु दर अधिक थी। इस शोध में यह भी बताया गया कि सीएमपी की कमी कई गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है। इसी तरह, 2020 में 'नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन' में छपे एक शोध पत्र के मुताबिक, अगर यह 'दूसरा दिल' ठीक से काम न करे, तो आप कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं, यहां तक कि दिल का दौरा भी पड़ सकता है।

रक्त संचार में बाधा आने पर पैरों में खून के थक्के बनने का खतरा भी बढ़ जाता है, जो फेफड़ों या हृदय तक पहुंचकर जानलेवा साबित हो सकते हैं। इसलिए, स्वस्थ जीवन जीने के लिए, सिर्फ सीने के दिल का नहीं, बल्कि पैरों में मौजूद दूसरे दिल का भी ख्याल रखना बेहद ज़रूरी है।

अब जब भी आप चलें, दौड़ें या सीढ़ियां चढ़ें, तो एक बार अपने पैरों पर ध्यान दें और उनका आभार जताएं। वे सिर्फ़ आपको आगे ही नहीं बढ़ाते, बल्कि आपके हृदय का बोझ भी बांटते हैं। अपने पैरों की मांसपेशियों को सक्रिय रखें, ताकि आपका 'दूसरा दिल' भी ठीक से काम करता रहे और आप स्वस्थ व निरोगी जीवन जी सकें।

पेपर लीक अब एक रोग बन गया है, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का बड़ा बयान, इसे रोकने सरकारें उठा रही बड़े कदम

NIA ने फ्लाईदुबई घटना की जांच के लिए केस दर्ज किया, ओमानी को-पायलट को बनाया गया आरोपी

आज फिर सुबह 10 बजे जंतर-मंतर लौटेगा CJP, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन

Delhi CJP Protest: दिनभर बंद रही दिल्ली, 10 बजे के बाद बंद 45 मेट्रो स्टेशन बहाल; कल फिर कूच का ऐलान

दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर UN ने जताई चिंता, भारत से तत्काल रिहाई की अपील