इंटरमिटेंट फास्टिंग तकनीक के फायदे (सौ. सोशल मीडिया) 
हेल्थ

क्या सच में 24 घंटे तक कुछ नहीं खाने से टलता है गंभीर बीमारियों का खतरा, नई रिसर्च में हुआ खुलासा

नई रिसर्च में एक खुलासा हुआ है कि, अगर आप 24 घंटे तक बिना कुछ खाएं औऱ पिएं रहते है तो आपके शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने के लिए मिलते है। कई मामलों में यह पद्धति कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को टालने का काम करती है।

दीपिका पाल

दुनियाभर में कैंसर, डायबिटीज और हार्ट अटैक के मामले लगातार सामने आते रहते है जिसके लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में इनसे निपटने के लिए प्रयास किए जाते है। इन बीमारियों के खतरे को कम करने के लिए लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने की बात की जाती है। नई रिसर्च में एक खुलासा हुआ है कि, अगर आप 24 घंटे तक बिना कुछ खाएं औऱ पिएं रहते है तो आपके शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने के लिए मिलते है। कई मामलों में यह पद्धति कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को टालने का काम करती है। चलिए जानते हैं इस स्टडी के बारे में...

जानिए 24 घंटे की इंटरमिटेंट फास्टिंग कैसे करती है काम

आपको बताते चलें कि, यहां पर 24 घंटे आप कुछ खाते या पीते नहीं है तो सेहत पर इसका बुरा असर देखने के लिए मिलता है। इस इंटरमिटेंट फास्टिंग की प्रक्रिया यह होती है कि, इसमें शरीर को तय वक्त के लिए खाने से दूर रखा जाता है। जहां पर ऐसे में एनर्जी के लिए बॉडी में मौजूद ग्लूकोज और फैट इस्तेमाल होती है, जिससे कई जैविक और मेटाबॉलिक प्रक्रियाएं शुरू होती हैं। वहीं पर अगर आप 24 घंटे तक बिना कुछ खाएं और पिएं रहते हैं तो, शरीर में ऑटोफैजी नामक सेलुलर सफाई प्रक्रिया शुरू होती है। इस प्रोसेस में सेल्स शरीर में मौजूद डैमेज और गैरजरूरी घटकों को तोड़ती हैं और उन्हें दोबारा इस्तेमाल करती हैं, इससे नई सेल्स बनती हैं। बता दें कि, इस ऑटोफेजी की प्रक्रिया पर रिसर्च करने वाले जापानी वैज्ञानिक योशिनोरी ओसुमी का नाम सामने आता है।

जानिए किन समस्याओं के लिए फायदेमंद है तकनीक

आपको बताते चलें कि, इस 24 घंटे कुछ नहीं खाने का फार्मूला आप अपनाते है तो यह गंभीर बीमारियों के खतरे को टालता है। हार्ट डिजीज, कैंसर और अल्जाइमर जैसी बीमारियों को शामिल किया गया है। बताया जाता है कि, 24 घंटे तक कुछ नहीं खाने से CRP और IL-6 जैसे सूजन मार्करों में कमी आती है, जिससे शरीर में सूजन का लेवल घटता है. वहीं, इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर का लेवल नियंत्रित रहता है। इसके अलावा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए फायदेमंद है। बॉडी में मौजूद फैट का इस्तेमाल एनर्जी के लिए होता है. इससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

कैंसर की बीमारी को कैसे कम करती है ये तकनीक

आपको बताते चलें कि, इंटरमिटेंट फास्टिंग की यह तकनीक, कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए भी असरदार बताई गई है। इसे लेकर रिसर्च में बताया कि, फास्टिंग और कैंसर का नाता होता है। जर्मनी के शोध संस्थानों और इटली के वैज्ञानिक डॉ. वाल्टर लोंगो की स्टडी में सामने आया कि फास्टिंग से कैंसर कोशिकाओं का डिवेलपमेंट धीमा हो सकता है। कहते हैं कि, अगर आप 24 घंटे तक कुछ नहीं खाते है तो, कैंसर पैदा करने वाली सेल्स एक्टिव नहीं रहती है।

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