Mango In Diabetes In Hindi: अब शुगर के मरीज भी केसर, हापुस, लंगड़ा, चौसा, गुलाब जामुन जैसे रस से भरे स्वादिष्ट आम का स्वाद ले सकेंगे। आम में मौजूद पौष्टिक तत्वों के कारण ही इसे फलों का राजा कहा जाता है। इसकी खुशबू से ही आम खाने की चाहत बढ़ जाती है।
इसके उलट कई लोग ऐसे भी हैं, जो आम खाना तो चाहते हैं, लेकिन वो मन मसोस कर रह जात हैं। कारण है उनका डायबिटीज। डायबिटीज के पेशेंट को मीठा खाने की मनाही होती है और सभी फलों की तरह आम में 30 फीसदी फ्रूकटोज होता है, जो शुगर के मरीजों के लिए नुकसानदायक होता है। इसे खाने के तरीके और खाने की मात्रा में बदलाव करके बिना किसी परेशानी के इसका स्वाद लिया जा सकता है।
आम का ग्लाइसेमिक इंडेक्स लगभग 51-60 होता है, जो इसे Low-GI फल बनाता है। यानी ये ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाता है। आम में विटामिन सी, ए, ई, पोटैशियम, फोलेट और कॉपर होता है, जो स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होते हैं। आम में मौजूद पॉलीफेनॉल्स इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ा सकते हैं और शरीर की सूजन को कम करते हैं।
डायबिटीज के पेशेंट स्मार्टनेस के साथ आम खा सकते हैं। शुगर के मरीजों को भोजन के साथ आम खाने से बचना चाहिए। अकसर, भोजन के साथ अधिक आम का सेवन हो जाता है। आधा कप यानी 82 ग्राम आम डायबिटीज रोगियों के लिए सेफ माना जाता है। इसकी जगह इसे कम मात्रा में मिलाकर स्मूदी की तरह लिया जा सकता है, जो नाश्ते के समय बेहतर होगा। लेकिन इससे पहले अपना शुगर लेवल अवश्य जांच लें। यदि शुगर बढ़ी हुई हो, तो स्मूदी न लें।
दही के साथ आम मिलाकर खाने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स नीचे गिर जाता है। दही के साथ आम उतना नुकसान नहीं करता है। ध्यान रहे कि दही लो-फैट वाली हो और इसमें ऊपर से शहद या शक्कर न मिलाएं।
आम को मॉर्निंग या इवनिंग स्नैक की तरह खाया जा सकता है। इसे सुबह में या शाम को स्नैक के रूप में कंज्यूम किया जा सकता है। आम को नट्स या फिर बीजों के साथ मिलाकर खाने से इसका डाइजेशन आसान हो जाता है। 10 से 12 काजू या बादाम मिलाकर पीसकर मिल्कशेक बनाकर भी खा सकते हैं।
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इन दिनों बाजार में प्रोसेस्ड आम की भरमार है। डिब्बा बंद आम, पैक्ड पल्प व फ्रोजेन मैंगो जैसी तमाम चीजें बाजार में उपलब्ध है। शुगर के मरीजों के लिए यह बेहद नुकसानदेह हो सकती है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए कच्चे आम का सेवन लाभदायक हो सकता है। कच्चे आम को दही के साथ खाने से यह शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसे आम पन्ने के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन केवल भुना जीरा और नमक मिलाकर। इसमें चीनी या गुड़ मिक्स न करें।