विश्व स्तनपान सप्ताह विशेष (सौ. डिजाइन फोटो) 
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विश्व स्तनपान सप्ताह : एक्सपर्ट से जानिए स्तनपान से जुड़े 10 सवालों के सही जवाब

World Breastfeeding week 2025: 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा। हेल्थ एक्सपर्ट ने नई माताओं को स्तनपान से जुड़ी कई जानकारियां दी है और क्या नई माताओं को खाना चाहिए।

दीपिका पाल

World Breastfeeding week 2025: स्तनपान एक आशीर्वाद है....माँ और शिशु के बीच का पवित्र बंधन और माँ द्वारा दिए जाने वाले असंख्य उपहारों में से सबसे पहला और सबसे अनमोल तोहफ़ा। नवजात शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है। एक नवजात शिशु के साथ एक नई माँ भी जन्म लेती है। एक माँ, जिसके मन में स्तनपान, शिशु की सेहत और उसे सबसे अच्छा देने को लेकर अनगिनत सवाल होते हैं। 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जाता है।

स्तनपान के विषय में नई माताओं के मन में कई सवाल होते है जिनके जवाब नागपुर की  डॉ.मोनिका पी जैन (एमएस ,डीएनबी स्त्रीरोग विशेषज्ञ) और  डॉ.नीरव सी पटेल (डीसीएच, डीएनबी बालरोग विशेषज्ञ) ने दिए है। हेल्थ एक्सपर्ट ने नई माताओं को स्तनपान से जुड़ी कई जानकारियां दी हैं। स्तनपान से जुड़े उन सभी ज़रूरी सवालों के जवाब यहाँ दिए गए हैं, जिन्हें हर माँ को जानना चाहिए....

1. स्तनपान कब शुरू करना चाहिए?

स्तनपान की शुरुआत प्रसव के पहले एक घंटे के भीतर करना सबसे अच्छा माना जाता है। पहले दूध को कोलोस्ट्रम कहा जाता है, जो ऊर्जा देने वाले कार्ब्स और फैट्स से भरपूर होता है और नवजात शिशु के लिए बेहद लाभकारी होता है।

2. स्तनपान कितनी बार और कितनी देर कराना चाहिए?

आमतौर पर शिशु को भूख लगने पर ऑन डिमांड स्तनपान कराना चाहिए। लेकिन सामान्य तौर पर एक नवजात शिशु को दिन में 8–9 बार दूध पिलाना चाहिए, और हर बार की फीडिंग लगभग 20–30 मिनट की होनी चाहिए।

3. कैसे जानें कि शिशु को पर्याप्त दूध मिल रहा है?

यदि शिशु दिन में 6–7 बार पेशाब कर रहा है, उसका वज़न स्थिर रूप से बढ़ रहा है और वह सक्रिय है, तो ये संकेत हैं कि उसे पर्याप्त दूध मिल रहा है।

4.क्या स्तनपान दर्द करना चाहिए ?

शुरुआत में निप्पल में हल्का सा दर्द या संवेदनशीलता हो सकती है, लेकिन तेज़ या लगातार दर्द नहीं होना चाहिए। यदि दर्द बना रहे, तो यह शिशु की पोजीशनिंग या लॅचिंग की समस्या हो सकती है, जिसे विशेषज्ञ की मदद से ठीक किया जा सकता है।

5.शिशु के लिए स्तनपान के शारीरिक लाभ क्या हैं?

माँ का दूध शिशु की पोषण संबंधी ज़रूरतों के अनुसार बना होता है — इसमें प्रोटीन, फैट, विटामिन्स और कार्बोहाइड्रेट्स का संतुलित मिश्रण होता है। यह एंटीबॉडीज़ और रोग प्रतिरोधक तत्वों से भरपूर होता है, जो संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। स्तनपान करने वाले शिशुओं में सांस की बीमारियाँ, कान का संक्रमण, दस्त और एलर्जी कम देखने को मिलती हैं।

6. माँ के लिए स्तनपान के लाभ क्या हैं?

स्तनपान से गर्भाशय सिकुड़ता है और प्रसव के बाद रक्तस्राव कम होता है। यह दिन में लगभग 500–700 कैलोरी बर्न करता है जिससे धीरे-धीरे और स्वस्थ वजन घटाने में मदद मिलती है। लंबी अवधि में स्तनपान करने वाली महिलाओं में स्तन, ओवरी और गर्भाशय की कैंसर, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है, खासकर जिन महिलाओं को गर्भावस्था में गैस्टेशनल डायबिटीज हुआ हो।

7. शिशु के मानसिक और भावनात्मक विकास में स्तनपान की भूमिका?

शारीरिक लाभों के अलावा, स्तनपान मानसिक विकास में भी सहायक होता है। अनुसंधानों से यह स्पष्ट हुआ है कि स्तनपान करने वाले शिशुओं का IQ अधिक होता है। स्तनपान से भावनात्मक सुरक्षा, आत्मीयता और माँ से गहरा जुड़ाव होता है।

8. माँ के लिए स्तनपान के भावनात्मक लाभ क्या हैं?

स्तनपान के दौरान शरीर में ऐसे हार्मोन्स निकलते हैं जो माँ और शिशु के बीच बॉन्डिंग को मज़बूत बनाते हैं। इससे माँ को मानसिक शांति मिलती है और पोस्टपार्टम डिप्रेशन की संभावना भी कम होती है।

9. स्तनपान कितने समय तक करना चाहिए?

WHO और UNICEF के अनुसार शिशु को पहले 6 महीने तक केवल स्तनपान कराना चाहिए। इसके बाद 2 साल या उससे अधिक समय तक पूरक आहार के साथ स्तनपान जारी रखना चाहिए। यह शिशु के संपूर्ण विकास और अच्छे स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है।

10.दूध बढ़ाने के लिए आहार ?

स्तनपान का सिद्धांत है — जितनी अधिक मांग, उतना अधिक उत्पादन। रात के समय की फीडिंग विशेष रूप से दूध की मात्रा बढ़ाती है।

पर्याप्त दूध के लिए:

  • दिन में 3–4 लीटर पानी पीना चाहिए।
  • हर 2–3 घंटे में पोषक आहार लेना चाहिए, विशेष रूप से प्रोटीन और फैट से भरपूर खाना।

इन पदार्थों के सेवन से दूध की मात्रा बढ़ सकती है...

  • पपीता
  • सौंफ
  • लहसुन
  • दलिया
  • गोंद (एडिबल गम)
  • दूध
  • जौ
  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ
  • ड्रायफ्रूड और सीड्स
  • शतावरी

अगर आप ऐसा कर रही हैं तो स्तनपान के माध्यम से आप अपने शिशु को सबसे श्रेष्ठ  केयर दे रही हैं।

मदद माँगें, अच्छा खाएं, भरपूर आराम करें 

स्तनपान कराने का समय ऐसा खास समय होता है, जब आप अपने शिशु से सबसे गहरा जुड़ाव महसूस करती हैं  और शिशु को सबसे अधिक सुरक्षा महसूस होती है।

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