कॉन्सेप्ट फोटो (सौजन्य- सोशल मीडिया) 
हेल्थ

गर्मियों में पेट की समस्या से बचाने वाले 6 सुपर फूड्स, डाइट में करें शामिल

पेट की सेहत खराब यानी पूरी फिजिकल और मेंटल हेल्थ खराब रहना। आपको भी समर सीजन में पेट खराब होने की शिकायत होने लगती है तो खाने में इन फूड आइटम को शामिल करके समस्या से बच सकते हैं।

अंजू वशिष्ठ

लाइफस्टाइल डेस्क: गर्मियों के मौसम में पाचन की समस्या होना आम बात है। इस मौसम में जरा भी तला-भुना या तेल-मसाले का खाना खाने से ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या हो जाती है। पेट की सेहत खराब यानी पूरी फिजिकल और मेंटल हेल्थ खराब रहना। आपको भी समर सीजन में खाना खाने के बाद पेट फूलने की समस्या, खट्टी डकार या पेट में जलन की शिकायत होने लगती है तो खाने में कुछ खास फूड आइटम को शामिल करके समस्या से बच सकते हैं।

दही

समर सीजन में दही खाना बहुत फायदेमंद होता है। दही पेट से जुड़ी बीमारियां दूर रखती है और पाचन तंत्र दुरुस्त करती है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स बेहद हेल्दी बैक्टीरिया हैं। ये गट माइक्रोबायोटा का बैलेंस मेंटेन रखते हैं। गर्मियों में दही लंच के समय खाएं। दोपहर के खाने यानि लंच के साथ आप दही या रायते ले सकते हैं। दही की मात्रा का भी ख्याल रखना चाहिए। एक दिन में एक कटोरी दही से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। जिन लोगों के शरीर में कफ दोष अधिक हैं, उन्हें दही की मात्रा पर खास ध्यान देना चाहिए। दही भले ही दूध से बना होता है लेकिन कभी भी दही और दूध का सेवन साथ में नहीं करना चाहिए।

गर्मियों में दही खाने के फायदे (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)

फाइबर युक्त फूड्स

गर्मी के मौसम में फाइबर युक्त फूड खाने चाहिए। फाइबर डाइजेशन को बढ़ाता है। साथ ही ये प्रीबायोटिक की तरह काम करता है जो पेट में मौजूद गुड बैक्टीरिया की ग्रोथ में मदद करता है। फाइबर के लिए फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज (ओट्स , चावल और जौ ), नट्स, फलियां, दालें खाएं। चिया सीड्स, सूरजमुखी के या अलसी के बीज भी स्नैक में खा सकते हैं।

डाइजेशन को बढ़ाता है फाइबर (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)

सेब का सिरका

सेब का सिरका पेट की सेहत को बनाए रखने में मदद करता है। इसे पीने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं। सेब के सिरके में एसेटिक एसिड होता है, जो पेट में मौजूद फायदेमंद बैक्टीरिया के ग्रोथ में कारगर होता है। साथ ही सेब का सिरका पेट की पाचक अग्नि को और बढ़ाता हैं जिससे पाचन तंत्र दुरुस्त होता है और पेट फूलने या अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

पेट के लिए फायदेमंद है सेब का सिरका (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)

केला का सेवन

गर्मियों के मौसम में रोज सुबह केला खाना पेट को हेल्दी रखता है। केला सेहत के लिए फायदेमंद फलों में से एक है, लेकिन पेट की समस्या को दूर करने के लिए केला खाना अच्छा माना जाता है। केला इंफ्लेमेशन को कम करता है। ये खराब पेट, डायरिया आदि को दूर करता है। पाचन तंत्र के लिए केला हेल्दी फल है।

गर्मी में रोज खाएं केला (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)

साबुत अनाज

साबुत अनाज गट हेल्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। मैदा की तुलना में साबुत अनाज को हेल्दी माना गया है। नाश्ते में व्हाइट ब्रेड की जगह आप होल ग्रेन ब्रेड खा सकते हैं। मैदे के इस्तेमाल से बचें। रोटी बनाने के लिए गेंहू या चने का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही रागी, जौ को डाइट में शामिल करें। साबुत अनाज ना सिर्फ इंफ्लेमेशन कम करते हैं, बल्कि गुड बैक्टीरिया के ग्रोथ में भी बढ़ावा देते हैं।

पेट के लिए हेल्दी है साबुत अनाज (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया )

छाछ का एक गिलास

गर्मियों में छाछ जरूर पीना चाहिए। छाछ एक प्रोबायोटिक से भरपूर ड्रिंक है। ये एक लो-कैलोरी ड्रिंक है जो प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम और फास्फोरस का अच्छा सोर्स है। गर्मी में छाछ पीने से पेट हेल्दी रहने के साथ ही कूल भी रहता है। मसाला छाछ पीने से पेट दर्द, सूजन, दस्त की समस्या में आराम मिलता है। खाना खाने के बाद छाछ पीने से एसिडिटी और पेट में होने वाली जलन से राहत मिलती है।

छाछ हेल्दी के साथ-साथ पेट को रखे कूल (फोटो सौजन्य- सोशल मीडिया)

शरीर में ज्यादातर बीमारियां पेट के कारण ही होती है। कई गंभीर बीमारियों से बचने के लिए पाचन ठीक रखना और संतुलित भोजन करना बेहद जरूरी है। पहले बताए गए फूड्स के साथ-साथ खाने में तेल-मसालों की मात्रा का भी ध्यान रखें। गर्मी में पेट हेल्दी रखने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में खूब पानी भी पीते रहें।

कॉकरोच किसके लिए कहा गया था? CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बड़ा दावा, जानें किसका लिया नाम

तरुण तेजपाल को जाना ही होगा जेल...सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई याचिका, सरेंडर के लिए दिया दो हफ्ते का टाइम

जंतर-मंतर हिंसा से दिल्ली पुलिस ने ली सीख, तैयार किया नया प्लान, अब हर बड़े प्रदर्शन पर ऐसे रखी जाएगी पैनी नजर

2027 की जनगणना से पहले राहुल गांधी और खड़गे ने PM मोदी को लिखा पत्र, जाति के आंकड़ों पर उठाए सवाल

6 साल में 41 मासूमों की मौत; अमरावती से झांसी तक अस्पताल बने आग का गोला, लेकिन एक भी दोषी को नहीं हुई सजा