चाया या कॉफी (साभार. सोशल मीडिया) 
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Tea vs Coffee: जानिए किसमें होता है ज्यादा कैफीन और कितनी चाय या कॉफी पीना है सुरक्षित? एक्सपर्ट्स की राय

Caffeine Side Effect: चाय या कॉफी से दूर रहने का सबसे अच्छा तरीका है इसकी मात्रा पर ध्यान देना। इसकी मात्रा और समय को सीमित करके इसे छोड़ा जा सकता है। कैफीन युक्त ड्रिंक से डिहाइड्रेशन होता है।

रीता राय सागर

Caffeine Consumption: ज्यादातर लोगों के दिन की शुरूआत चाय या कॉफी से होती है। कई लोग इस लत को छोड़ना चाहते हैं, जब कि सच्चाई यह है कि चाय व कॉफी के अलावा भी कई ऐसी चीजें हैं, जिसके जरिए हमारे शरीर में कैफीन पहुंचता है। रोजमर्रा के जीवन में हम बगैर जानें, खुद को एक्टिव रखने के लिए चाय या कॉफी का सेवन करते हैं।

किसमें होता है अधिक कैफीन

लोगों का मानना है कि कॉफी में ज्यादा कैफीन होता है। जब कि रिपोर्ट के अनुसार, कॉफी के मुकाबले चाय में कैफीन अधिक होता है। चाय की पत्तियों में 3.5 फीसदी कैफीन होता है, जबकि कॉफी में 1.1-2.2 प्रतिशत कैफीन पाया जाता है। इसके अलावा चाय बनाने के तरीके भी कैफीन को प्रभावित करते हैं। ग्रीन टी को 1 मिनट तक भिगाएंगे तो 16 मिलीग्राम कैफीन होता है, वहीं 3 मिनट तक भिगाने से इसमें 36 मिलीग्राम कैफीन हो जाता है। आसान भाषा में कहें, तो पानी का तापमान जितना ज्यादा होगा और पत्ती जितनी ज्यादा देर तक भिगती रहेगी, उतना ज्यादा कैफीन बाहर निकलेगा। काली चाय में हरी चाय, सफेद चाय या किसी भी अन्य प्रकार की चाय की तुलना में अधिक कैफीन नहीं होता है। बता दें कि आपको एक दिन में 400 मिलीग्राम से ज्यादा कैफिन का सेवन नहीं करना चाहिए या 4 कप से कम कॉफी और 2 कप चाय पिया जा सकता है।

कैफीन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects Of Caffeine)

अधिक मात्रा में कैफीन के सेवन से जहां नींद बाधित होती है औऱ एनर्जी पर भी प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह आपके हार्ट रेट और दवाइयों के प्रभाव पर भी असर डालता है। कैफीन के प्रति सेंसिटिव लोग जैसे बच्चे, प्रेग्नेंट महिलाएं और हार्ट पेशेंट में इसकी कम मात्रा भी ज्यादा असर कर सकती है। इसलिए ऐसे लोगों को कैफीन के सेवन से बचना चाहिए।

इन चीजों में भी होता है कैफीन

  • चॉकलेट व कोकोआ पाउडर

वैसे तो चॉकलेट में कोको बीन्स से नैचुरली कैफीन आता है। इसलिए मिल्क चॉकलेट की तुलना में डार्क चॉकलेट में ज्यादा कैफीन होता है। चॉकलेट से बनी डेजर्ट और स्नैक्स में भी यह पाया जा सकता है।

  • चॉकलेट आइसक्रीम

कॉफी फ्लेवर वाली आइसक्रीम, मोका डेजर्ट, तिरामिसू और एक्सप्रेसो ब्राउनी में कैफीन की मात्रा पाई जाती है। अगर ऐसी चीजें देर शाम या रात में खाई जाएं, तो इससे आपकी नींद प्रभावित हो सकती है।

  • कोला नहीं सोडा में भी कैफीन

कुछ ऑरेंज सोडा या क्लियर सोडा के फ्लेवर को बढ़ाने के लिए कैफीन मिलाया जाता है। इतना ही नहीं स्पार्कलिंग वॉटर, हाइड्रेशन ड्रिंक्स में स्वाद बढ़ाने के लिए भी ऐसा किया जाता है। इस तरह के प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से पहले इनके लेबल को चेक किया जाना चाहिए। लेबल को पढ़ने से आप अपने कैफीन के इनटेक पर नजर रख सकते हैं।

  • पर्सनल केयर में भी मौजूद कैफीन

रोजाना इस्तेमाल की जाने वाली लिप बाम जैसी चीजों में भी कैफीन होता है। हालांकि यह मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन इनके अधिक उपयोग से यह मात्रा अधिक हो सकती है। सीरम, शैंपू, बॉडी वॉश, फेस मास्क, बॉडी स्क्रब, आई क्रीम व हेयर टॉनिक में कैफीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है।

कैफीन से होने वाली समस्या

  • सोने में परेशानी या नींद ना आना
  • डिहाइड्रेशन की समस्या
  • बेचैनी महसूस होना
  • शरीर में कंपन
  • ज्यादा एंग्जाइटी या घबराहट
  • लगातार सिरदर्द बने रहना
  • धड़कनों का अनियमित होना
  • सीने में जलन या एसिड रिफ्लक्स की समस्या।

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