नंगे पैर घास पर चलने के फायदे (सौ. डिजाइन फोटो) 
हेल्थ

बच्चों की सेहत के लिए बेस्ट होती हैं नंगे पैर घास पर चलने की आदत, फायदे सुनकर नहीं पाएंगे यकीन

अगर बच्चे इनडोर एक्टिविटीज की जगह आउटडोर एक्टिविटीज पर ध्यान देते है तो इसका असर उनकी सेहत पर होता है। बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर आप रोज अगर उन्हें सुबह नंगे पैर घास पर चलने की आदत दी जाए तो उनकी सेहत सही रहेगी और

दीपिका पाल

आजकल की लाइफस्टाइल हर किसी की बदलने लगी है जहां पर व्यस्त जिंदगी में खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते है। इधर बच्चों की बात की जाएं तो वे भी डिजिटल जिंदगी जी रहे है। जहां पर उनका मोबाइल, टीवी और ऑनलाइन गेम्स की दुनिया में बाहर निकल पाना नहीं हो पाता है। अगर बच्चे इनडोर एक्टिविटीज की जगह आउटडोर एक्टिविटीज पर ध्यान देते है तो इसका असर उनकी सेहत पर होता है।

बच्चों की सेहत को ध्यान में रखकर आप रोज अगर उन्हें सुबह नंगे पैर घास पर चलने की आदत दी जाए तो उनकी सेहत सही रहेगी और वे तंदरूस्त रहेंगे।चलिए जानते है नंगे पैर घास पर चलने की आदत के बार में...

जानिए क्या कहते है रिसर्च

यहां पर नंगे पैर घास में चलने की इस आदत को लेकर एक रिसर्च में बताया गया, अगर आप नंगे पैर घास पर चलते है तो, इस एक्टिविटीज या प्रक्रिया को Earthing या Grounding के तौर पर जाना जाता है। इस प्रक्रिया में व्यक्ति से सीधे जुड़ जाते है जो नेचुरल प्रक्रिया होती है। कहते हैं कि, इस प्रक्रिया में व्यक्ति अपने शरीर को सीधे पृथ्वी की सतह के संपर्क में लाता है, जैसे कि घास, मिट्टी, रेत या कंकड़। यह नेचुरल थेरेपी कई मायनों में खास होती है। बताया जाता है जब व्यक्ति धरती पर अपने नंगे पैर से चलता है तो, निगेटिव इलेक्ट्रॉन की मात्रा कम होती है। ये इलेक्ट्रॉन शरीर में जाकर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (oxidative stress) और फ्री रेडिकल्स को कम करने में मदद करते हैं। इससे शरीर की इम्यूनिटी बूस्ट होती है

जानिए घास पर नंगे पैर चलने के फायदे

यहां पर अगर आप रोजाना नंगे पैर घास पर चलते है तो इसके कई फायदे हो सकते है जिसके बारे में आपको बता रहे है।

1- मूड को बेहतर बनाने के लिए घास पर चलने की आदत अच्छी होती है। जब आप चलते है तो, पैरों के तलवों में ठंडक मिलती है। इससे बच्चों के मूड स्विंग, गुस्से और चिड़चिड़पन को दूर करने में मदद मिलती है। यहां पर बच्चे अनहेल्दी खाएंगे तो इसके लिए 30 मिनट नंगे पैर घास पर चलना बेस्ट होता है।

2- यह आदत दिमाग के लिए भी सही होता है। डॉ. रूचि गोलाश के अनुसार, हर व्यक्ति के पैरों के तलवों में हजारों जब बच्चा नंगे पैर हरी घास पर चलता है, तो इससे शरीर में नेचुरल तरीके से एक्यूप्रेशर बनता है। दिमाग और नर्वस सिस्टम को सही करने के लिए यह आदत अच्छी होती है।

3-नंगे पैर घास पर चलने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन बैलेंस होता है इसलिए नीेंद को बेहतर बनाने के लिए यह एक्सरसाइज बेस्ट है। रोजाना थोड़ी देर नंगे पैर घास पर चलने से बच्चों की गहरी और संतुलित होती है। जब बच्चे की नींद बेहतर होती है तो उसके सीखते की क्षमता बढ़ती है।

4-बच्चे के पाचन को बेहतर बनाने के लिए भी नंगे पैर घास पर चलने की आदत सही होती है। ससे कब्ज, पेट दर्द और मोटापे की संभावना काफी कम हो जाती है। इसके लिए यह एक्सरसाइज बेहतर है।

5-नंगे पैर घास पर चलने से दिमाग में ऑक्सीजन का संचार बेहतर होता है। इससे बच्चे का दिमाग तेज होता है और वह पढ़ाई व खेलकूद में भी काफी एक्टिव बनता है।

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