Food Label Reading: जब हम बिस्किट, नमकीन, सॉस या कोई भी दूसरा पैकेट वाला सामान खरीदते हैं, तो अक्सर उसके पीछे लंबी सामग्री की सूची होती है, जिसका मतलब हमें आमतौर पर समझ में नहीं आता है। इस सूची में INS 330, INS 322 या INS 551 जैसे नंबर लिखे होते हैं। इनका मतलब क्या होता है और खाने में इनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
आईएनएस नंबर क्या होते हैं?
आईएनएस का फुल फॉर्म International Numbering System है। ये नंबर्स खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कुछ एडिटिव्स को पहचानने के लिए दिए जाते हैं। पैकेट पर मौजूद इनके नाम या नंबर को देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि खाने में किस एडिटिव का इस्तेमाल हुआ है।
INS 330 लिखे होने का मतलब है- साइट्रिक एसिड। इसका इस्तेमाल खाने की खटास और एसिड को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। कई तरह के प्रोसेस्ड फूड और ड्रिक्स के पैकेट या बोतल यह लिखा हुआ दिखाई देता है।
INS 322 को लेसिथिन्स कहा जाता है। इसका इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में मौजूद अलग-अलग सामग्री को अच्छी तरह मिलाए रखने के लिए किया जाता है। यानी यह एक तरह का इम्लसिफायर का काम करता है।
INS 551 यानी सिलिकॉन डाइ-ऑक्साइड का इस्तेमाल कुछ खाद्य पदार्थों में एंटी केकिंग एजेंट के तौर पर किया जाता है। आसान भाषा में समझें तो किसी भी पाउडर जैसी चीज को आपस में चिपकने और उसके थक्के बनने से रोकने में यह मदद करता है।
हर आईएनएस नंबर का मतलब खतरा या नुकसान नहीं होता है। किसी भी खाद्य पदार्थ में इस्तेमाल होने वाले एडिटिव्स के लिए तय नियम और मात्रा तय होती है। उससे ज्यादा होने पर यह नुकसानदायक हो सकती है।
किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदते समय उसकी पूरी सामग्री पढ़ने की आदत डालें। इसके साथ पोषण संबंधी जानकारी, सर्विंग साइज और अपनी जरूरत के हिसाब से चीनी, नमक और फैट की मात्रा पर भी ध्यान दें।