कुकिंग ऑयल फोटो.सोशल मीडिया
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Cooking Oil: कुकिंग ऑयल खरीदते समय न करें ये 7 गलतियां, हेल्दी तेल चुनने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Cooking Oil For Health: बाजार से कुकिंग ऑयल खरीदते समय सिर्फ कीमत और ब्रांड ही नहीं देखनी चाहिए, बल्कि जानें लेबल, ट्रांस फैट, स्मोक प्वाइंट और पैकेजिंग समेत इन 7 बातों की जांच करनी चाहिए।

रीता राय सागर

Cooking Oil Buying Tips: रसोई में इस्तेमाल होने वाला तेल सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता है, बल्कि हमारे डेली फैट के सेवन का भी हिस्सा होता है। इसलिए बाजार से कुकिंग ऑयल खरीदते समय केवल कीमत या पैकेजिंग देखकर फैसला नहीं किया जाना चाहिए।

तेल का प्रकार, उसमें मौजूद फैट की मात्रा, बनाने की प्रक्रिया, इस्तेमाल का तरीका और लेबल जैसी कई चीजों पर ध्यान देना चाहिए। आइए जानते हैं ऐसे ही 7 तरीकों के बारे में।

लेबल देखकर ही खरीदें तेल

तेल की बोतल खरीदने से पहले उसके पीछे दिया गया लेबल जरूर पढ़ें। उसमें तेल का प्रकार, सामग्री और पोषण संबंधी जानकारी चेक करें। केवल सामने लिखे "हेल्दी", "हार्ट हेल्दी" या "कोलेस्ट्रॉल फ्री" जैसे दावों के आधार पर तेल न चुनें। विशेषज्ञों के अनुसार, पैकेट के पीछे दी गई सामग्री की सूची ज्यादा उपयोगी जानकारी देती है।

तेल में ट्रांस फैट की मात्रा देखें

तेल खरीदते समय ट्रांस फैट की जानकारी पर ध्यान देना जरूरी है। ट्रांस फैट का अधिक सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना जाता है। इसलिए जहां तक संभव हो, कम या शून्य ट्रांस फैट वाले विकल्प को ही चुनना चाहिए।

तेल की बनाने की प्रक्रिया को समझें

बाजार में रिफाइंड, कोल्ड-प्रेस्ड और एक्सपेलर-प्रेस्ड जैसे विकल्प मौजूद हैं। कोल्ड-प्रेस्ड तेल कम तापमान पर निकाला जाता है, जबकि रिफाइनिंग में तेल को अधिक प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। हालांकि केवल "कोल्ड-प्रेस्ड" लिखा होना अपने आप में किसी तेल को बेहतर साबित नहीं करता है। तेल की गुणवत्ता और उसका सोर्स भी जरूरी है।

आप तेल का इस्तेमाल किस काम के लिए करेंगे?

हर खाना एक ही तापमान पर नहीं पकाया जाता। तड़का, भूनना और डीप फ्राइंग जैसी अलग-अलग विधियों में तापमान अलग होता है। इसलिए तेल चुनते समय उसके स्मोक प्वाइंट और खाना पकाने के तरीके को ध्यान में रखें। ध्यान रहे, ज्यादा स्मोक प्वाइंट का मतलब अपने आप ज्यादा पौष्टिक या बेहतर तेल नहीं होता।

MUFA और PUFA की जानकारी भी देखें

तेल में मौजूद वसा का प्रकार भी मायने रखता है। MUFA और PUFA अनसैचुरेटेड फैट के प्रकार हैं, जबकि सैचुरेटेड फैट की मात्रा भी तेल के पोषण प्रोफाइल को समझने में मदद करती है। अलग-अलग तेल में फैट का अनुपात अलग होता है, इसलिए केवल एक तेल को सभी के लिए सबसे अच्छा मानने के बजाय अपनी कुल डाइट और खाना पकाने की जरूरत को ध्यान में रखकर तेल का चयन करें।

पैकिंग और स्टोरेज पर ध्यान दें

तेल खरीदते समय पैकिंग भी देखें। रोशनी, हवा और नमी तेल की गुणवत्ता को प्रभावित करती हैं। खासकर कम प्रोसेसिंग वाले तेल को प्रकाश और हवा से बचाकर रखना जरूरी है। इसलिए खरीदने के बाद तेल की बोतल को सीधे धूप या तेज गर्मी वाली जगह पर नहीं रखना चाहिए।

बड़ी बोतल देखकर तुरंत न खरीदें

बड़ी बोतल हमेशा बेहतर सौदा नहीं होती। अगर घर में तेल की खपत कम है, तो बहुत बड़ी मात्रा खरीदने के बजाय उतना ही तेल लें, जितना उचित समय में इस्तेमाल हो सके। खासकर कम प्रोसेस्ड ऑयल लंबे समय तक रखने पर खराब होने का जोखिम होता है।

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