प्रतीकात्मक फोटो, सोर्स- सोशल मीडिया 
झारखंड

झारखंड के सारंडा में आईईडी ब्लास्ट: नक्सलियों की कायराना करतूत, कोबरा के दो जवान घायल, रांची एयरलिफ्ट

Jharkhand Naxal News: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम स्थित सारंडा जंगल में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी की चपेट में आने से कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए रांची भेजा गया है।

प्रतीक पाण्डेय

Saranda IED Blast: नक्सलवाद के खिलाफ जारी जंग में झारखंड के सारंडा जंगलों से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों की कायराना हरकत की वजह से कोबरा बटालियन के दो जांबाज गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने अब इलाके में मोर्चा और भी मजबूत कर लिया है।

झारखंड के अति नक्सल प्रभावित पश्चिम सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में शनिवार को नक्सलियों ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए 'अदृश्य हमले' का सहारा लिया। छोटानागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत चडरीडेरा गांव के पास यह भीषण धमाका उस समय हुआ, जब सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन-209 के जवान एक सघन नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को इस इलाके में नक्सली गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके बाद जवानों की संयुक्त टीम सघन तलाशी अभियान पर निकली थी। जैसे ही टीम चडरीडेरा गांव के समीप पहुंची, नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे बिछाए गए एक शक्तिशाली प्रेशर आईईडी पर जवान का पैर पड़ गया और एक जोरदार धमाका हुआ, जिसने पूरे वन क्षेत्र को दहला दिया।

घायल जवानों की स्थिति और तत्काल रेस्क्यू

इस शक्तिशाली विस्फोट की चपेट में आने से कोबरा बटालियन के दो जांबाज जवान गंभीर रूप से चोटिल हो गए। घायल जवानों की पहचान हवलदार दिनेश राउत और बलजिंदर सिंह के रूप में हुई है। महाराष्ट्र के रहने वाले दिनेश राउत का बायां पैर इस धमाके में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है, जबकि पंजाब निवासी बलजिंदर सिंह के शरीर में विस्फोटक के टुकड़े (स्पलिंटर) लगने से वे घायल हुए हैं। धमाके के फौरन बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई। घायल जवानों को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए तत्काल रांची एयरलिफ्ट किया गया, जहां उन्हें एक उच्चस्तरीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल डॉक्टरों ने जवानों की स्थिति स्थिर बताई है।

आईईडी: नक्सलियों की हताशा और सुरक्षा बलों का संकल्प

चाईबासा के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित रेणु ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रतिबंधित भाकपा-माओवादी संगठन अपनी पकड़ कमजोर होती देख अब सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से इस तरह के घात लगाकर किए जाने वाले हमलों का सहारा ले रहा है। उन्होंने कड़े लहजे में स्पष्ट किया कि इस तरह की कायराना हरकतों से सुरक्षा बलों का मनोबल कम नहीं होगा, बल्कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान को और भी तेज किया जाएगा।

गौरतलब है कि सारंडा और कोल्हान का यह क्षेत्र लंबे समय से नक्सली आईईडी का केंद्र बना हुआ है, जहां हाल के दिनों में इन विस्फोटों की चपेट में आने से दो स्थानीय ग्रामीणों की भी जान जा चुकी है और सुरक्षा बलों का एक डॉग भी शहीद हुआ है। सुरक्षा बलों ने अब जंगल के चप्पे-चप्पे पर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है ताकि किसी भी बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सके।

B Nagendra Resignation: कौन हैं बी नागेंद्र, डीके शिवकुमार कैबिनेट से क्यों दिया इस्तीफा; जानें सबकुछ

वाल्मीकि निगम घोटाले में घिरे B. Nagendra ने दिया इस्तीफा, बोले- दलित होने के कारण बनाया जा रहा निशाना

अरुणाचल प्रदेश में डोली धरती, कुरुंग कुमे में महसूस किए गए भूकंप के झटके; दहशत में घरों से बाहर निकले लोग!

रक्षाबंधन पर PM मोदी का खास अंदाज, बच्चों के साथ की मस्ती; छोटी बच्ची से की ये खास फरमाइश- VIDEO

मेरे भाग्य में आंदोलनों से निपटना है, अमित शाह ने क्यों कही ये बात? कोरोना काल का भी सुनाया बड़ा अनुभव